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गुलामी के दौर में भी तुलसीदास ने भक्ति और शक्ति से जगाई चेतना – मुख्यमंत्री योगी…

Even during the times of slavery, Tulsidas awakened consciousness through devotion and power - Chief Minister Yogi

Breaking Today, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भारत गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था, उस अंधकारपूर्ण युग में भी गोस्वामी तुलसीदास जी ने अपनी भक्ति और शक्ति से समाज में चेतना की लौ जलाए रखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को चित्रकूट में संत तुलसीदास की जयंती के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 500 साल पहले, जब देश निराशा और पराधीनता के भाव से ग्रस्त था, तब तुलसीदास जी ने भक्ति को कमजोरी नहीं, बल्कि शक्ति का स्रोत बनाया। उन्होंने उस कालखंड का जिक्र किया जब मुगल सम्राट अकबर का साम्राज्य विस्तार पर था और कई राजे-रजवाड़े उसकी अधीनता स्वीकार कर रहे थे। ऐसे समय में तुलसीदास जी ने किसी राजा के दरबारी कवि बनने के बजाय प्रभु श्री राम की भक्ति का मार्ग चुना। उन्होंने रामचरितमानस और रामलीलाओं के माध्यम से लोगों को एकजुट किया और सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखा।

सीएम योगी ने कहा कि तुलसीदास जैसे महान संतों ने समाज को जगाने के लिए तलवार का नहीं, बल्कि साहित्य और संस्कृति का सहारा लिया। उन्होंने भक्ति और शक्ति के इस अद्भुत संगम से उस समय की चुनौतियों का सामना किया और समाज को एक नई दिशा दी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा।

यह पवित्र भूमि चित्रकूट, जहां भगवान श्री राम ने अपने वनवास का सबसे लंबा समय बिताया था, आज एक बार फिर संत तुलसीदास की स्मृतियों से जीवंत हो उठी है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चित्रकूट की विरासत को सहेजते हुए इसके विकास का कार्य तेजी से हो रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तुलसी जन्म कुटीर में गोस्वामी तुलसीदास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और तुलसी साहित्य सम्मेलन में भी भाग लिया। कार्यक्रम में जगद्गुरु रामभद्राचार्य और संत मुरारी बापू जैसी कई आध्यात्मिक हस्तियां भी मौजूद थीं।

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