
Breaking Today, Digital Desk : ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ टीवी के सबसे लंबे चलने वाले और पसंद किए जाने वाले शोज में से एक है। सालों से यह शो दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है, लेकिन एक चीज़ जिसकी कमी हमेशा महसूस होती है, वो हैं दयाबेन। दिशा वकानी, जिन्होंने दयाबेन का किरदार निभाया था, कई सालों से शो से गायब हैं और फैंस आज भी उनके लौटने का इंतजार कर रहे हैं। आखिर क्या वजह है कि दिशा अभी तक शो में वापस नहीं आई हैं? आइए जानते हैं इसके पीछे की असली कहानी।
फैंस का इंतजार और मेकर्स की कोशिशें
जब से दिशा वकानी मैटरनिटी लीव पर गईं, तब से ही उनके वापसी की अटकलें लगती रही हैं। शो के मेकर्स, असित मोदी ने भी कई बार कहा कि वे दिशा को वापस लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर दिशा वापस नहीं आती हैं, तो उन्हें दयाबेन के किरदार के लिए किसी और अभिनेत्री को लाना पड़ेगा। लेकिन, इतने सालों बाद भी न तो दिशा लौटीं और न ही कोई नई दयाबेन शो में आई।
क्या थी असली वजह?
शुरुआत में लगा कि दिशा अपने परिवार और बच्चे के साथ समय बिताना चाहती हैं, इसलिए वह शो से दूर हैं। यह बात काफी हद तक सही भी थी। लेकिन, कुछ रिपोर्ट्स और अंदरूनी सूत्रों की मानें तो मामला सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं था।
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पैसों और शर्तों पर बात न बनना: बताया जाता है कि दिशा वकानी और शो के मेकर्स के बीच फीस और काम की शर्तों को लेकर बात नहीं बन पाई। दिशा अपनी फीस में बढ़ोतरी चाहती थीं और साथ ही काम के घंटों में भी कुछ छूट। वह चाहती थीं कि शूटिंग के लिए उनके बच्चे को भी सेट पर लाने की अनुमति मिले और उनके लिए खास इंतजाम किए जाएं। मेकर्स इन शर्तों पर पूरी तरह सहमत नहीं हो पाए।
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परिवार को प्राथमिकता: दिशा ने खुद भी कई इंटरव्यू में कहा था कि उनके लिए उनका परिवार सबसे पहले है। बच्चे के जन्म के बाद, वह अपना पूरा ध्यान उसे देना चाहती थीं। ऐसे में, ‘तारक मेहता’ जैसे डेली सोप में दिन के 12-14 घंटे काम करना उनके लिए मुश्किल हो रहा था।
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अब वापसी की संभावना कम: इतने साल बीत जाने के बाद, अब दिशा वकानी के ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में लौटने की संभावना बहुत कम लगती है। अब तो मेकर्स भी कई बार कह चुके हैं कि वे नई दयाबेन की तलाश में हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई उपयुक्त चेहरा नहीं मिला है।
तो ये थी दिशा वकानी के ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में वापस न आने की असली कहानी। फैंस आज भी दयाबेन की गरबा और अनोखी हंसी को याद करते हैं, लेकिन शायद अब हमें एक नई दयाबेन को स्वीकार करने के लिए तैयार रहना होगा।






