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सबसे चौंकाने वाला खुलासा, क्यों कांग्रेस की सोच ने अरुणाचल को पीछे धकेला…

The most shocking revelation, why Congress's thinking pushed Arunachal Pradesh back...

Breaking Today, Digital Desk : क्या आप जानते हैं कि अरुणाचल प्रदेश, जो आज विकास की नई उड़ान भर रहा है, एक समय में किस तरह की चुनौतियों से जूझ रहा था? प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में इटानगर में जो कहा, वह कई लोगों के लिए आंखें खोलने वाला हो सकता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस की पुरानी सोच ने अरुणाचल प्रदेश को काफी नुकसान पहुंचाया।

एक समय था जब…

मोदी जी ने अपने भाषण में उस दौर की बात की जब अरुणाचल प्रदेश को शायद उतनी अहमियत नहीं दी गई जितनी उसे मिलनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों की ‘उदासीन’ नीति ने इस खूबसूरत राज्य को विकास की दौड़ में पीछे छोड़ दिया था। सड़कें, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी यहां के लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। ऐसा क्यों हुआ? यह एक बड़ा सवाल है।

बदलाव की बयार: अब क्या हो रहा है?

आज की तारीख में, चीजें तेजी से बदल रही हैं। आप देख सकते हैं कि अरुणाचल में सड़कों का जाल बिछ रहा है, दूर-दराज के इलाकों तक बिजली पहुंच रही है, और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार आ रहा है। यह सब इसलिए संभव हो पा रहा है क्योंकि अब सरकार की प्राथमिकताएं बदल गई हैं। अब अरुणाचल प्रदेश को सिर्फ एक सीमावर्ती राज्य नहीं, बल्कि भारत के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

यह सिर्फ राजनीति नहीं, यह लोगों की बात है

प्रधानमंत्री का यह बयान सिर्फ राजनीतिक हमला नहीं है। यह उस इतिहास की बात है जिसने अरुणाचल प्रदेश के लोगों के जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। जब किसी क्षेत्र को उसकी सही पहचान और संसाधन नहीं मिलते, तो वहां के लोगों को कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है।

आज, जब हम अरुणाचल प्रदेश को एक नए रूप में देखते हैं, तो यह सोचना जरूरी है कि अतीत की गलतियों से हमने क्या सीखा है। यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि भारत का कोई भी हिस्सा विकास की दौड़ में पीछे न छूटे।

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