
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इस मुलाकात के कुछ ही दिनों बाद अब एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने अमेरिका से अरब सागर में एक बंदरगाह बनाने में मदद मांगी है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
यह प्रस्ताव पाकिस्तान की तरफ से अमेरिका के साथ अपने संबंधों को फिर से मजबूत करने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर तब जब चीन के साथ उसकी ‘सदाबहार दोस्ती’ अब पहले जैसी मजबूत नहीं दिख रही है। पाकिस्तान के लिए यह एक रणनीतिक कदम हो सकता है, जिससे वह अपनी आर्थिक और सैन्य स्थिति को बेहतर कर सके।
अगर अमेरिका इस प्रस्ताव को मान लेता है, तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा। अरब सागर में अमेरिका की मौजूदगी भारत के लिए भी चिंता का विषय हो सकती है, क्योंकि यह उसके पड़ोसी देश के करीब उसकी सैन्य पहुंच को बढ़ाएगा। वहीं, चीन के लिए भी यह एक झटका होगा, जो ग्वादर बंदरगाह के जरिए इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।
अभी यह देखना बाकी है कि अमेरिका इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया देता है। लेकिन इतना तय है कि इस संभावित डेवलपमेंट से क्षेत्रीय राजनीति में हलचल जरूर मच जाएगी। पाकिस्तान का यह कदम उसके विदेश नीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है, जिसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।




