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जब कंपनी ने मां के एक्सीडेंट के बाद भी WFH नहीं दिया, एक कड़वा सच…

When the company did not give WFH even after the mother's accident, a bitter truth...

Breaking Today, Digital Desk : बेंगलुरु से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। एक आईटी कर्मचारी ने अपनी मां के एक्सीडेंट के बाद कंपनी से वर्क फ्रॉम होम (WFH) मांगा, लेकिन कंपनी ने उसकी रिक्वेस्ट को ठुकरा दिया। इस घटना ने एक बार फिर कॉर्पोरेट जगत की संवेदनशीलता और कर्मचारियों के प्रति उनके रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, कर्मचारी की मां का अचानक एक्सीडेंट हो गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ऐसे मुश्किल समय में हर बच्चा अपनी मां के पास रहना चाहेगा। कर्मचारी ने भी यही सोचकर अपनी कंपनी से कुछ दिनों के लिए घर से काम करने की इजाजत मांगी, ताकि वह अपनी मां की देखभाल कर सके और साथ ही अपना काम भी पूरा कर पाए। लेकिन, कंपनी ने उसकी इस जायज मांग को मानने से इनकार कर दिया।

इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई लोगों ने कंपनी के इस फैसले को असंवेदनशील और अमानवीय बताया। उनका कहना है कि ऐसे आपातकालीन स्थिति में भी अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारी का साथ नहीं देती, तो यह उसके वर्क कल्चर पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। एक यूजर ने लिखा, “आज के जमाने में जब हर कंपनी वर्क फ्रॉम होम की बात करती है, तब ऐसी घटनाएं चौंकाने वाली हैं।” वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि हर कंपनी की अपनी नीतियां होती हैं और शायद इस मामले में कोई खास वजह रही होगी।

यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारी वर्क-लाइफ बैलेंस की बातें सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं? क्या कंपनियों को कर्मचारियों के निजी जीवन की परवाह नहीं करनी चाहिए, खासकर ऐसे मुश्किल वक्त में? वर्क फ्रॉम होम सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि कई बार एक जरूरत बन जाता है। इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि अभी भी कई कंपनियों को अपने कर्मचारियों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होने की जरूरत है।

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