एयर इंडिया प्लेन क्रैश: पायलट पर लगाए गए आरोपों को अमेरिकी जांच एजेंसी NTSB ने खारिज किया, मीडिया रिपोर्ट्स को बताया अधूरी और भ्रामक

एयर इंडिया प्लेन क्रैश की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मीडिया में कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं। कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि इस हादसे के पीछे पायलट की गलती थी। कुछ रिपोर्ट्स में यहां तक कहा गया कि प्लेन क्रैश से कुछ देर पहले पायलट ने खुद फ्यूल कंट्रोल स्विच ऑफ कर दिया था। हालांकि अब इस पूरे मामले में एक अहम मोड़ आया है, जब अमेरिका की राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) ने इन दावों को खारिज कर दिया है और मीडिया से संयम बरतने की अपील की है। NTSB की अध्यक्ष जेनिफर होमेंडी ने 19 जुलाई को एक आधिकारिक बयान में कहा कि जो रिपोर्ट्स अभी सामने आई हैं, वे अधूरी और अपुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स—खासतौर पर ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (WSJ) की—ने जो दावा किया है, वह सही नहीं है और इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। WSJ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि कैप्टन सुमित सभरवाल ने कथित तौर पर हादसे से कुछ समय पहले फ्यूल कंट्रोल स्विच को बंद कर दिया था, जिससे दुर्घटना हुई। इससे पहले भारत की विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने भी WSJ की रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे। AAIB ने साफ कहा कि शुरुआती रिपोर्ट सिर्फ यह बताने के लिए होती है कि क्या हुआ था, न कि यह तय करने के लिए कि गलती किसकी थी। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। ब्यूरो ने मीडिया और आम जनता से संयम बरतने की अपील की है। NTSB अध्यक्ष जेनिफर होमेंडी ने AAIB की इस अपील का पूरा समर्थन किया और यह भरोसा दिलाया कि अमेरिका की एजेंसी जांच में भारत के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है। उन्होंने यह भी दोहराया कि दुर्घटनाओं की जांच एक गंभीर और समय लेने वाली प्रक्रिया होती है, जिसमें तथ्यों की गहराई से जांच की जाती है और अंतिम रिपोर्ट आने तक किसी भी प्रकार का पूर्वाग्रह जांच को प्रभावित कर सकता है।




