झकझकी

थरूर के मौन ने कांग्रेस के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभियान को किया फीका…

Tharoor's silence dimmed Congress's 'Operation Sindoor' campaign, the discord within the party was exposed again

Breaking Today, Digital Desk : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जहाँ एक ओर अपने महत्वाकांक्षी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभियान को लेकर मुखर रूप से अपनी आवाज़ बुलंद कर रही है, वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर की रहस्यमयी चुप्पी ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। थरूर, जो अक्सर अपनी बेबाक टिप्पणियों और पार्टी लाइन से हटकर दिए गए बयानों के लिए जाने जाते हैं, इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह से खामोश हैं। उनके इस ‘मौनव्रत’ ने न केवल कांग्रेस के अभियान के शोर को दबा दिया है, बल्कि पार्टी के भीतर चल रही अंतर्कलह को भी एक बार फिर सतह पर ला दिया है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को कांग्रेस पार्टी अपने भविष्य की एक महत्वपूर्ण रणनीति के तौर पर प्रस्तुत कर रही है, और इसके लिए पार्टी के तमाम छोटे-बड़े नेता सरकार पर चौतरफा हमला बोल रहे हैं। लेकिन इस पूरे कोलाहल के बीच, थरूर की अनुपस्थिति और मौन ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विश्लेषकों का मानना है कि थरूर की यह चुप्पी एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकती है। यह उनकी नाराज़गी का संकेत भी हो सकता है, या फिर यह जताने का एक तरीका कि वे पार्टी के मौजूदा रुख से सहमत नहीं हैं।

थरूर को अक्सर पार्टी के भीतर एक ‘बागी’ नेता के तौर पर देखा जाता रहा है, जिन्होंने समय-समय पर नेतृत्व के निर्णयों पर सवाल उठाए हैं। चाहे वह अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना हो या सार्वजानिक मंचों से पार्टी की नीतियों की आलोचना करना हो, थरूर ने हमेशा एक स्वतंत्र रुख बनाए रखा है। ऐसे में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अहम मुद्दे पर उनकी चुप्पी को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के सामने एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा कर दी है। एक तरफ पार्टी अपने अभियान पर सबका ध्यान केंद्रित करना चाहती है, तो दूसरी तरफ उसके ही एक प्रमुख नेता की खामोशी उन प्रयासों पर पानी फेर रही है। यह मामला इस बात को भी रेखांकित करता है कि कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और नेतृत्व के लिए विभिन्न गुटों और नेताओं को एक साथ लेकर चलना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। थरूर का यह मौनव्रत पार्टी के ‘शोर’ पर भारी पड़ता दिख रहा है और इसने ‘ऑपरेशन सिंदoor’ की सफलता पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

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