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कर्ज के बोझ तले दबे युवक को मिला रेडिट पर सहारा…

A debt-ridden youth found support on Reddit, A loan of ₹1.2 crores was giving him sleepless nights

Breaking Today, Digital Desk : अपनी तीस साल की उम्र में जहां युवा अपने करियर और भविष्य के सपनों को पंख दे रहे होते हैं, वहीं एक युवक खुद को 1.2 करोड़ रुपये के भारी-भरकम कर्ज के बोझ तले दबा हुआ पा रहा था। रातों की नींद और दिन का चैन खो चुके इस शख्स ने जब कोई रास्ता नहीं सूझा, तो गुमनाम सलाह की उम्मीद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट का दरवाजा खटखटाया। उसने सोचा भी नहीं था कि अनजान लोगों की यह दुनिया उसके लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आएगी।

कुछ समय पहले ही इस युवक ने 1.6 करोड़ रुपये का घर खरीदने का फैसला किया था। इसके लिए उसने एक बैंक से 1 करोड़ रुपये और अपने रिश्तेदारों से 20 लाख रुपये का कर्ज लिया था। एक दशक से भी अधिक समय से बिना किसी ईएमआई (EMI) के जीवन जी रहे इस युवक के लिए अचानक आया यह वित्तीय भार किसी पहाड़ जैसा था। उसकी रातों की नींद उड़ गई और भविष्य की चिंता उसे हर पल सताने लगी।

अपनी परेशानी को रेडिट के “थर्टीजइंडिया” (ThirtiesIndia) नामक एक कम्युनिटी में साझा करते हुए उसने अपनी पूरी स्थिति बयां की। उसने बताया कि उसकी मासिक आय लगभग 2.2 लाख रुपये है। उसने अपने खर्चों का भी ब्योरा दिया, जिसमें घर के खर्चों के लिए 45,000 रुपये, माता-पिता की मदद के लिए 25,000 रुपये, रेस्टोरेंट में खाने-पीने पर 10,000 रुपये और 75,000 रुपये की ईएमआई शामिल थी। इन सबके बाद उसके पास हर महीने लगभग 65,000 रुपये की बचत हो रही थी। उसने रेडिट यूजर्स से इस कर्ज को जल्द से जल्द चुकाने के लिए एक वास्तविक योजना बनाने में मदद करने की अपील की।

उसे हैरान करते हुए, रेडिट पर लोगों ने न केवल सहानुभूति दिखाई, बल्कि बेहद व्यावहारिक और ठोस सलाह भी दी। एक यूजर ने उसे अपने खर्चों में कटौती करने का सुझाव दिया, जैसे कि ग्रॉसरी और रेस्टोरेंट के बिल को कम करना और माता-पिता को दिए जाने वाले समर्थन को कुछ समय के लिए घटाना। इस बचत से हर महीने अतिरिक्त 50,000 रुपये निकालकर लोन चुकाने की सलाह दी गई।

एक अन्य यूजर ने उसे अपने हर छोटे-बड़े खर्च को ट्रैक करने और फिर किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट की मदद से खर्चों में कटौती के रास्ते खोजने की सलाह दी, ताकि जीवनशैली पर भी ज्यादा असर न पड़े। कई लोगों ने उसे सलाह दी कि वेतन वृद्धि के साथ-साथ लोन चुकाने की राशि भी बढ़ानी चाहिए, ताकि जल्द से जल्द कर्ज-मुक्त हो सके। रेडिट पर मिली इन सलाहों ने न केवल युवक को एक नई दिशा दी, बल्कि यह भी दिखाया कि कैसे ऑनलाइन समुदाय मुश्किल समय में एक बड़े सहारे के रूप में काम कर सकते हैं। यह घटना बताती है कि कर्ज का बोझ न केवल आर्थिक होता है, बल्कि यह मानसिक शांति भी छीन लेता है और सही योजना तथा अनुशासन से ही इस चक्रव्यूह से बाहर निकला जा सकता है।

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