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काशी जब आस्था के जयकारे पर हुआ हमला, ‘बोल बम’ की गूंज से सहमे शिवभक्त…

Kashi When the slogan of faith was attacked, Shiva devotees were scared by the echo of 'Bol Bam'

Breaking Today, Digital Desk : सावन के पवित्र महीने में जब शिव की नगरी काशी ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंज रही थी, आस्था की इस गूंज पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। सोमवार को वाराणसी के राजातालाब क्षेत्र में दो कांवड़ियों को ‘बोल बम’ का नारा लगाने पर न केवल बेरहमी से पीटा गया, बल्कि उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। इस घटना ने धार्मिक नगरी के माहौल में तनाव घोल दिया और शिवभक्तों में आक्रोश है।

यह घटना राजातालाब क्षेत्र के पंचक्रोशी मार्ग पर उस समय हुई, जब सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकले थे। पीड़ितों में बैढ़न गांव के पलटू यादव और जंसा के शुभम यादव शामिल थे। उनके अनुसार, जब वे राजातालाब रेलवे फाटक के पास से गुजर रहे थे, तो वहां पहले से मौजूद 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोककर ‘बोल बम’ का जयकारा लगाने से मना किया।

जब कांवड़ियों ने इसका विरोध किया, तो उन पर लात-घूसों, डंडों और कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। इस हमले में शुभम का सिर फट गया, जबकि पलटू को भी गंभीर चोटें आईं। पीड़ितों का आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें एक घर में खींचकर भी पीटा, जहां से वे किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे। कुछ रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया है कि पीड़ितों को दूसरे धर्म का नारा लगाने के लिए मजबूर किया गया और हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणियां की गईं।

घटना की खबर और पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर फैलते ही अन्य कांवड़ियों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर जंसा-राजातालाब मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जो कई घंटों तक चला। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।

मामले की सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटना पर कड़ा विरोध जताया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

वाराणसी पुलिस आयुक्तालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुष्टि की कि घटना 28 जुलाई को राजातालाब इलाके में हुई थी। पीड़ित कांवड़ियों की तहरीर के आधार पर जंसा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अपर पुलिस आयुक्त शिवहारी मीणा ने बताया कि मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य की तलाश जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नूर हसन, शराफत अली, मोहम्मद लतीफ, मुनव्वर, अलाउद्दीन, सलामुद्दीन और वारिस शामिल हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी को तैनात किया गया है।

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