
Breaking Today, Digital Desk : एक सनसनीखेज मामले में, पूर्व सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को एक विशेष अदालत ने बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया है। यह फैसला उन हजारों अश्लील वीडियो क्लिप के सामने आने के बाद आया है, जिन्होंने देश भर में आक्रोश पैदा कर दिया था। यह मामला न केवल एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक हस्ती से जुड़ा है, बल्कि इसमें सत्ता के दुरुपयोग, यौन शोषण और सबूतों को मिटाने के गंभीर आरोप भी शामिल हैं।
यह दोषसिद्धि एक 47 वर्षीय घरेलू सहायिका द्वारा दायर किए गए मामले में हुई है, जिसने प्रज्वल पर बार-बार बलात्कार करने और इस कृत्य को फिल्माने का आरोप लगाया था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 2021 में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान, हसन जिले के गन्नीकाडा फार्महाउस और बेंगलुरु स्थित आवास पर उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया। आरोपी ने इस घटना के वीडियो भी बनाए और उसे धमकी दी कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह उन्हें लीक कर देगा।
इस मामले की सुनवाई बेंगलुरु की एक विशेष अदालत में हुई, जो सांसदों और विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गठित की गई है। अदालत शनिवार को सजा का ऐलान करेगी। प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ इस तरह के चार और मामले दर्ज हैं, जिनकी जांच अभी जारी है।
यह मामला पिछले साल अप्रैल में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आया था, जब हसन में कथित तौर पर प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े हजारों अश्लील वीडियो वाले पेन ड्राइव बांटे गए थे। इसके बाद, 31 मई को जर्मनी से बेंगलुरु हवाई अड्डे पर पहुंचने पर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था जेडी(एस) ने भी मामले सामने आने के बाद प्रज्वल को पार्टी से निलंबित कर दिया था अदालत में दोषी ठहराए जाने के बाद प्रज्वल रेवन्ना रो पड़े। इस त्वरित सुनवाई को एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह केवल 14 महीनों के भीतर पूरी हो गई।
इस मामले ने एक बार फिर निर्वाचित प्रतिनिधियों से जुड़े आपराधिक मामलों की त्वरित सुनवाई की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है। पीड़िता के साहस और कानूनी प्रक्रिया की तेजी ने यह सुनिश्चित किया है कि सत्ता और प्रभाव के बावजूद कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।




