
Breaking Today, Digital Desk : उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। गठबंधन यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता कि उसका उम्मीदवार आसानी से जीत हासिल करे। इसी रणनीति के तहत, एनडीए ने अपने सभी सांसदों के लिए सितंबर में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करने की योजना बनाई है।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सांसदों को मतदान प्रक्रिया की जटिलताओं से अच्छी तरह परिचित कराना है, ताकि एक भी वोट अमान्य न हो। सूत्रों के अनुसार, इस प्रशिक्षण सत्र में सांसदों को मतपत्र के प्रारूप और वोट डालने की सही विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। कई सांसद, विशेष रूप से जो पहली बार चुनकर आए हैं, उनके लिए यह प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा पहले भी इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित करती रही है, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की चूक से बचा जा सके।
NDA के नेताओं ने हाल ही में एक बैठक की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार चुनने के लिए अधिकृत किया गया। लोकसभा और राज्यसभा में एनडीए के संख्या बल को देखते हुए, गठबंधन के उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि, एनडीए चुनाव को लेकर पूरी तरह से सतर्क है और अपने सभी सहयोगियों को एकजुट रखने का प्रयास कर रहा है।
यह चुनाव जगदीप धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे के कारण आवश्यक हो गया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 9 सितंबर को होगा। वहीं, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने भी एक संयुक्त उम्मीदवार खड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे यह मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है।






