अपहरण और दरिंदगी के बाद किशोरी ने मौत को गले लगाया…
After kidnapping and brutality, the teenager embraced death, serious allegations of negligence on the police

Breaking Today, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दो दिनों तक अपहरणकर्ताओं के चंगुल में रहने के बाद घर लौटी एक किशोरी ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पीड़िता के परिवार ने पुलिस पर समय पर कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है, उनका कहना है कि अगर पुलिस ने उनकी फरियाद सुनी होती तो शायद आज उनकी बेटी जिंदा होती।
जानकारी के अनुसार, बभनी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी को कुछ दरिंदों ने उस समय अगवा कर लिया जब वह पानी लेने गई थी। दो दिनों तक वह अपहरणकर्ताओं के कब्जे में रही, जहां उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म भी किया गया। इस दौरान असहाय परिवार ने पुलिस से संपर्क साधा और अपनी लापता बेटी को बचाने की गुहार लगाई, लेकिन उन पर आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई सक्रियता नहीं दिखाई।
जैसे-तैसे अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर जब पीड़िता अपने घर पहुंची, तो वह गहरे सदमे में थी। अपहरण के दौरान हुए शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न ने उसे इस कदर तोड़ दिया था कि घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बेटी का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया। उनकी एकलौती बेटी की दर्दनाक मौत ने उन्हें झकझोर कर रख दिया है।
पीड़िता के पिता ने अपहरणकर्ताओं पर अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी बेहद डरी हुई थी और शायद इसी डर और निराशा के कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया। इस घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।






