
Breaking Today, Digital Desk : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच एक बड़े संघर्ष को होने से रोका था। इस बार उन्होंने यह दावा अपने चिरपरिचित लाल रंग की टोपी पहनकर किया, जिस पर लिखा था, “हर चीज़ के बारे में सही।” हालांकि, भारत ने उनके इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
शनिवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “हमने भारत और पाकिस्तान के साथ जो हो सकता था, उसे सुलझा लिया। यह एक परमाणु युद्ध में बदलने के लिए तैयार था।” ट्रंप मई महीने से लगातार यह दावा कर रहे हैं कि उनकी सरकार ने भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम कराया था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ 22 अप्रैल को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के जवाब में एक जवाबी सैन्य कार्रवाई थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
ट्रंप के इस बयान पर भारत की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्रंप के दावों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि भारत पिछले 50 वर्षों से पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों में किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता है। एक कार्यक्रम में बोलते हुए जयशंकर ने जोर देकर कहा कि युद्धविराम पर सहमति भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत के माध्यम से बनी थी और इसमें किसी भी बाहरी मध्यस्थता की कोई भूमिका नहीं थी।
भारतीय अधिकारियों ने पहले भी ट्रंप के इन दावों का खंडन किया है। उनका कहना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारी नुकसान उठाने के बाद पाकिस्तान ने युद्धविराम का अनुरोध किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संसद में कहा था, “‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने में किसी भी विदेशी नेता की कोई भूमिका नहीं थी। हमारे उद्देश्यों को प्राप्त करने के बाद पाकिस्तानी डीजीएमओ ने युद्धविराम का अनुरोध किया था। यह अकेले भारत का फैसला था।”
ट्रंप इससे पहले भी कई बार भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने का श्रेय लेने की कोशिश कर चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि अगर दोनों देश लड़ना जारी रखते तो अमेरिका उनके साथ व्यापार नहीं करता।




