
Breaking Today, Digital Desk : ओणम, केरल का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार, फसल और प्रचुरता का उत्सव है। यह पर्व कई दिनों तक चलता है और इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल, और पारंपरिक अनुष्ठान शामिल होते हैं। ओणम का सबसे बड़ा आकर्षण ‘ओणम सद्या’ है, एक भव्य शाकाहारी दावत जिसमें 20 से अधिक व्यंजन केले के पत्ते पर परोसे जाते हैं।
ओणम सद्या क्या है?
ओणम सद्या केवल एक भोजन नहीं है; यह एक अनुभव है। इसमें चावल, सांभर, अवियल, तोरण, पचड़ी, पुलिस्सेरी, और कई प्रकार के पयसम (खीर) जैसे व्यंजन शामिल होते हैं। हर व्यंजन का अपना अनूठा स्वाद और बनावट होती है, जो मिलकर एक स्वादिष्ट और संतुलित भोजन बनाते हैं। यह पारंपरिक रूप से ज़मीन पर बैठकर हाथों से खाया जाता है, जो इस अनुभव को और भी प्रामाणिक बनाता है।
देश भर में ओणम सद्या का आनंद
केरल से दूर रहने वाले लोग भी ओणम सद्या का स्वाद ले सकते हैं। भारत के प्रमुख शहरों में कई रेस्तरां ओणम के दौरान विशेष सद्या परोसते हैं। यह एक शानदार अवसर है केरल की समृद्ध पाक परंपरा का अनुभव करने का।
ओणम सद्या का महत्व
ओणम सद्या केवल एक दावत नहीं है, बल्कि यह केरल की संस्कृति, परंपराओं और आतिथ्य का प्रतीक है। यह परिवार और दोस्तों को एक साथ लाने, खुशियाँ बांटने और नए साल का स्वागत करने का एक तरीका है।
ओणम सद्या में शामिल कुछ प्रमुख व्यंजन:
सांभर: दाल और सब्जियों से बना एक सुगंधित सूप।
अवियल: विभिन्न सब्जियों और नारियल से बनी एक अनोखी डिश।
तोरण: बारीक कटी हुई सब्जियां, अक्सर नारियल के साथ पकाई जाती हैं।
पचड़ी: दही और सब्जियों या फलों से बनी एक स्वादिष्ट करी।
पायसम: विभिन्न प्रकार की खीर, जो भोजन के अंत में मिठास भर देती हैं।
ओणम सद्या सिर्फ एक भोजन से कहीं बढ़कर है; यह केरल की आत्मा का एक टुकड़ा है जिसे हर किसी को अनुभव करना चाहिए।






