
Breaking Today, Digital Desk : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव के तहत, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को लोकसभा में पार्टी का नया नेता नियुक्त किया गया है। यह फैसला पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई सांसदों की एक वर्चुअल बैठक के बाद आया। अभिषेक बनर्जी ने अनुभवी नेता सुदीप बंदोपाध्याय की जगह ली है, जो पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे हैं।
यह कदम टीएमसी के भीतर एक बड़े संगठनात्मक फेरबदल का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती प्रदान करना है। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि सुदीप बंदोपाध्याय के अस्वस्थ होने के कारण सांसदों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि अभिषेक बनर्जी उनके स्वस्थ होने तक लोकसभा में पार्टी का नेतृत्व करेंगे।
हालांकि, यह फेरबदल शांतिपूर्ण नहीं रहा। बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने सांसदों के बीच समन्वय की कमी और आंतरिक गुटबाजी पर अपनी नाराजगी जाहिर की। इसी घटनाक्रम के बीच, पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) कल्याण बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। खबरों के मुताबिक, वे पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा के साथ अपने विवाद और समन्वय की कमी के लिए उन्हें दोषी ठहराए जाने से नाराज थे।
अभिषेक बनर्जी, जो ममता बनर्जी के भतीजे भी हैं, को पार्टी में नंबर दो का नेता माना जाता है। उनकी नई भूमिका को दिल्ली की राजनीति में टीएमसी की स्थिति को मजबूत करने और 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी को एक नई दिशा देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यह नियुक्ति अभिषेक बनर्जी के बढ़ते कद को भी दर्शाती है, जो अब बंगाल में संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ-साथ दिल्ली में भी पार्टी का नेतृत्व करेंगे।
कल्याण बनर्जी के इस्तीफे ने पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया है। हालांकि, बताया जा रहा है कि अभिषेक बनर्जी ने उन्हें फोन कर इस्तीफा वापस लेने और मामले पर चर्चा करने का आग्रह किया है। यह घटनाक्रम टीएमसी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां पार्टी एक युवा नेतृत्व को आगे बढ़ा रही है, वहीं उसे वरिष्ठ नेताओं के बीच के मतभेदों को भी सुलझाना होगा।






