
Breaking Today, Digital Desk : आजकल हम अक्सर सुनते हैं कि किसी युवा को हार्ट अटैक आ गया। यह सुनने में अजीब लगता है, क्योंकि हार्ट अटैक को हम हमेशा बड़ी उम्र के लोगों की बीमारी मानते आए हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि अब 20 और 30 की उम्र के युवाओं में भी दिल के दौरे के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। यह हम सभी के लिए एक खतरे की घंटी है, खासकर युवाओं के लिए।
आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
पहले हार्ट अटैक के पीछे कुछ मुख्य कारण हुआ करते थे, जैसे ज़्यादा उम्र, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल। लेकिन अब युवाओं में भी ये सब दिक्कतें देखने को मिल रही हैं, और इनके साथ कुछ और नए कारण भी जुड़ गए हैं।
बदलती जीवनशैली और तनाव:
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में तनाव (stress) एक बड़ा विलेन बन गया है। काम का दबाव, भविष्य की चिंताएं और सामाजिक अपेक्षाएं युवाओं को मानसिक रूप से थका देती हैं। लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं, जो दिल के लिए अच्छे नहीं होते। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और धमनियों पर भी बुरा असर पड़ता है।
ग़लत खानपान की आदतें:
फास्ट फूड (fast food), प्रोसेस्ड फूड (processed food) और शुगर-युक्त ड्रिंक्स आज युवाओं की पसंद बन गए हैं। इनमें अनहेल्दी फैट, नमक और चीनी बहुत ज़्यादा होती है, जो कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) बढ़ाते हैं और मोटापा (obesity) भी पैदा करते हैं। ताज़े फल, सब्ज़ियां और साबुत अनाज हमारी डाइट से ग़ायब होते जा रहे हैं। पौष्टिक भोजन की कमी दिल को कमज़ोर करती है।
शारीरिक गतिविधि की कमी:
आजकल ज़्यादातर युवा घंटों लैपटॉप या मोबाइल पर बिताते हैं। शारीरिक मेहनत कम हो गई है। लोग पैदल चलने या खेलने-कूदने की बजाय गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं। व्यायाम (exercise) और शारीरिक गतिविधि की कमी से शरीर की कैलोरी बर्न नहीं हो पाती, जिससे मोटापा बढ़ता है और दिल पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
धूम्रपान और शराब का सेवन:
युवाओं में धूम्रपान (smoking) और शराब (alcohol) का चलन भी बहुत बढ़ गया है। सिगरेट में मौजूद निकोटीन धमनियों को सिकोड़ता है और रक्तचाप बढ़ाता है, जिससे दिल का दौरा पड़ने का ख़तरा कई गुना बढ़ जाता है। शराब का अत्यधिक सेवन भी दिल को नुकसान पहुंचाता है।






