प्रदेश की जी0डी0पी0 में 28 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है : मुख्यमंत्री


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणादायी मार्गदर्शन व विजनरी नेतृत्व में सेवा, सुरक्षा और सुशासन के भाव के साथ कार्य करते हुए, प्रदेश सरकार के आज 08 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस शानदार यात्रा में प्रदेश की लगभग 25 करोड़ जनता का व्यापक समर्थन व आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। योगी आज यहां लोक भवन में उत्तर प्रदेश सरकार की सेवा, सुरक्षा और सुशासन की नीति के 08 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विगत 08 वर्षां में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि विगत 08 वर्षां में प्रदेश सरकार द्वारा समग्र विकास के अनेक क्षेत्रों में कार्य किया गया है। इनमें अन्नदाता किसानों के उत्थान, युवाओं के रोजगार, मातृशक्ति के स्वावलम्बन, हस्तशिल्पियों व कारीगरों के उत्थान, अवसंरचना विकास, परम्परागत उद्यमिता को नए स्किल के साथ आगे बढ़ाने आदि से सम्बन्धित कार्य सम्मिलित हैं। आगामी 25, 26 तथा 27 मार्च को प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एक मेले का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय विकास उत्सव के माध्यम से जनपद के लाभार्थियों, युवाओं, मातृशक्ति तथा उद्यमियों आदि के सम्मान के साथ साथ उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का कार्य किया जाएगा। प्रदेश व तंत्र वही है व्यवस्था में बदलाव से व्यापक परिवर्तन कैसे लाया जा सकता है, यह विगत 08 वर्षों में प्रदेश की जनता जनार्दन ने अनुभव किया है। यह वही उत्तर प्रदेश है, जिसके युवाओं के सामने वर्ष 2017 से पूर्व पहचान का संकट था। जहां किसान आत्महत्या करता था। बेटियां और व्यापारी असुरक्षित थे। दंगों की बारम्बारता से अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ा था। 08 वर्ष पूर्व प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी में रखा जाता था। इसे देश के विकास का बैरियर माना जाता था। आज वही उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। यह देश के विकास का ब्रेकथ्रू बनकर प्रत्येक सेक्टर में आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा प्राप्त करने वाला प्रदेश है। यहां की भूमि अत्यन्त उर्वर व पर्याप्त जल संसाधन हैं। इन संसाधनों को व्यवस्थित कर प्रदेश को देश के खाद्यान्न उत्पादन का बास्केट बनाया जा सकता था। लेकिन वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में कृषि क्षेत्र पूरी तरह उपेक्षित था। वर्ष 2017 के पश्चात प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन किये। वर्ष 2016-17 में प्रदेश में कृषि विकास दर पांच फीसदी के आसपास थी। आज यह दर बढ़कर साढ़े 13 प्रतिशत से अधिक हो गई है। इसके माध्यम से प्रदेश की जी0डी0पी0 में 28 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। प्रदेश सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में लघु और सीमान्त किसानों की 36,000 करोड़ रुपये की ऋण माफी से प्रदेश में कृषि सुधार का अभियान प्रारम्भ किया गया। प्रदेश में वर्ष 2016-17 तक 557 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन होता था। गत वर्ष प्रदेश में 668 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है। खाद्यान्न उत्पादन में 20 प्रतिशत बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। ऋण मोचन योजना से लेकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना तक प्रत्येक क्षेत्र में किसानों को डी0बी0टी0 के माध्यम से धनराशि भेजी जाती है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत 02 करोड़ 62 लाख से अधिक किसानों के खाते में 80,000 करोड़ रुपये की धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से भेजी गई है।
प्रदेश में सिंचाई की क्षमता में व्यापक बढ़ोत्तरी हुई है। यह वही प्रदेश है जहां वर्षों से सिंचाई परियोजनाएं लम्बित थी। इसमें अर्जुन सहायक, बाणसागर, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना आदि सम्मिलित थीं। विगत 08 वर्षों में प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का सहयोग लेकर इन सभी लम्बित परियोजनाओं को पूर्ण किया। प्रदेश के अन्नदाता किसानों को लगभग 23 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा प्राप्त हुई। प्रदेश में कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किए गए। कृषि विश्वविद्यालयों का उन्नयन किया गया। एक नए कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना तथा 20 नए कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रारम्भ किया गया। किसानों को आधुनिक तकनीकी तथा अच्छे बीजों से जोड़ा गया। परिणामस्वरुप धान, गेहूं, दलहन, तिलहन तथा श्रीअन्न के उत्पादन में प्रदेश स्पीड के साथ बढ़ता हुआ आगे दिखाई दिया।






