
Breaking Today, Digital Desk : बॉलीवुड में हमेशा से ही लिंग भेद एक बड़ा मुद्दा रहा है। जहाँ पुरुष कलाकारों को कुछ चीज़ों में ढील दी जाती है, वहीं अभिनेत्रियों को उन्हीं चीज़ों के लिए अक्सर आलोचना का सामना करना पड़ता है। हाल ही में, दीपिका पादुकोण ने इसी दोहरे मापदंड पर अपनी आवाज़ उठाई है।
क्या है पूरा मामला?
दीपिका ने बताया कि कैसे जब एक मेल सुपरस्टार 8 घंटे काम करता है, तो उसे लेकर कोई बड़ी खबर नहीं बनती। यह सामान्य बात मानी जाती है। लेकिन जब एक अभिनेत्री ऐसा करती है, तो उसे लेकर ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ बन जाती है और हर जगह सुर्खियाँ छा जाती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह असमानता खत्म होनी चाहिए।
यह सिर्फ काम के घंटों तक सीमित नहीं है। फीस से लेकर फिल्मों में रोल तक, हर जगह यह भेदभाव देखा जा सकता है। दीपिका जैसी बड़ी अभिनेत्री का इस मुद्दे पर बोलना वाकई अहम है, क्योंकि यह लाखों लोगों को इस बारे में सोचने पर मजबूर करेगा।
क्यों है यह ज़रूरी?
बॉलीवुड एक ऐसा उद्योग है जो समाज को बहुत प्रभावित करता है। अगर यहाँ समानता नहीं होगी, तो समाज में भी इसे स्वीकार करना मुश्किल होगा। दीपिका की यह बात सिर्फ बॉलीवुड के लिए नहीं, बल्कि हर कार्यस्थल के लिए एक संदेश है कि काम को लिंग के आधार पर नहीं आँका जाना चाहिए।
उम्मीद है कि दीपिका की इस बेबाक टिप्पणी के बाद बॉलीवुड में कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे और आने वाले समय में अभिनेत्रियों को भी वही सम्मान और अवसर मिलेंगे जो पुरुष कलाकारों को मिलते हैं।






