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गणपति बप्पा का स्वागत करते समय इन 7 बातों का रखें ध्यान, घर आएगी खुशहाली…

Keep these 7 things in mind while welcoming Ganpati Bappa, happiness will come to your home

Breaking Today, Digital Desk : गणेश चतुर्थी का महापर्व आने वाला है और हर घर में बप्पा के स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। गणपति जी को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इन दस दिनों में भगवान गणेश भक्तों के बीच पृथ्वी पर ही रहते हैं और उनकी हर मनोकामना पूरी करते हैं।

भक्ति और उत्साह के इस माहौल में, गणपति की स्थापना करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। कई बार अनजाने में हुई छोटी-छोटी गलतियों से पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता है। आइए जानते हैं उन 7 महत्वपूर्ण बातों के बारे में, जिनका ध्यान रखकर आप भगवान गणेश की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

मूर्ति का सही चुनाव और दिशा
गणपति की मूर्ति घर लाते समय यह सुनिश्चित करें कि वह कहीं से भी खंडित या टूटी-फूटी न हो। घर के लिए बाईं ओर सूंड वाले गणेशजी की प्रतिमा सबसे शुभ मानी जाती है, क्योंकि ऐसी मूर्ति जल्दी प्रसन्न होकर फल देती है। स्थापना के समय इस बात का ध्यान रखें कि मूर्ति का मुख दरवाजे की ओर नहीं होना चाहिए। गणपति जी की स्थापना ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में करना सर्वोत्तम माना गया है।

स्थापना का स्थान और आसन
भगवान गणेश की मूर्ति को कभी भी सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए। उन्हें लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का साफ वस्त्र बिछाकर स्थापित करें। ऐसा करने से पूजा में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

पूजा में इन वस्तुओं का न करें प्रयोग
भगवान गणेश की पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित माना गया है। इसके पीछे एक पौराणिक कथा है, जिसके अनुसार गणेश जी ने तुलसी का विवाह प्रस्ताव ठुकरा दिया था। साथ ही, पूजा में नीले या काले रंग के वस्त्र पहनने से बचना चाहिए; लाल और पीला रंग शुभ माना जाता है। टूटे हुए चावल (अक्षत) भी पूजा में इस्तेमाल न करें।

एक ही मूर्ति की करें स्थापना
घर के पूजा स्थल पर गणेश जी की एक से अधिक मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। यदि आप हर साल नई प्रतिमा लाते हैं, तो पुरानी मूर्ति को सम्मानपूर्वक विसर्जित कर दें। वास्तु विज्ञान के अनुसार, पूजा घर में एक ही गणपति प्रतिमा रखना शुभ होता है।

भोग और सात्विकता का ध्यान
जब तक बप्पा घर में विराजित हैं, घर में सात्विक माहौल बनाए रखें। प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा का सेवन बिल्कुल न करें। घर में जो भी भोजन बने, सबसे पहले उसका भोग गणपति को लगाएं। उन्हें मोदक और दूर्वा (तीन पत्तियों वाली घास) विशेष रूप से प्रिय हैं।

बप्पा को अकेला न छोड़ें
मान्यता है कि गणेश उत्सव के दौरान गणपति हमारे घर मेहमान बनकर आते हैं। इसलिए, जिस स्थान पर उनकी स्थापना की गई है, उसे कभी सूना न छोड़ें और वहां अंधेरा न होने दें। घर में शांति और सकारात्मक माहौल बनाए रखें।

चंद्र दर्शन से बचें
गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन करना अशुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र देव ने गणेश जी का उपहास किया था, जिससे क्रोधित होकर गणेश जी ने उन्हें श्राप दिया था। अगर भूलवश चंद्रमा दिख भी जाए, तो जमीन से पत्थर का एक टुकड़ा उठाकर पीछे की ओर फेंक देने की मान्यता है।

इन सरल नियमों का पालन करके आप विधि-विधान से गणेश जी की स्थापना कर सकते हैं और उनका भरपूर आशीर्वाद पा सकते हैं।

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