
Breaking Today, Digital Desk : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर, जो हाल के दिनों में पार्टी लाइन से कुछ अलग विचार रखने के लिए चर्चा में थे, अब पूरी तरह से राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोपों के समर्थन में उतर आए हैं। थरूर ने इन आरोपों को लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण प्रश्न बताते हुए चुनाव आयोग से तत्काल और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला तब सामने आया जब कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता, राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 2024 के लोकसभा चुनावों में “व्यापक आपराधिक धोखाधड़ी” का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि मतदाता सूचियों में बड़ी अनियमितताएं हैं और यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग की मिलीभगत से हुआ है। राहुल गांधी ने इसे ‘वोट चोरी मॉडल’ बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की नींव पर हमला है।
इन सनसनीखेज दावों के बाद, शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा, “ये गंभीर प्रश्न हैं जिनका सभी दलों और सभी मतदाताओं के हित में गंभीरता से समाधान किया जाना चाहिए।” उन्होंने आगे लिखा, “हमारा लोकतंत्र बहुत कीमती है और इसकी विश्वसनीयता को अक्षमता, लापरवाही या जानबूझकर की गई छेड़छाड़ से नष्ट नहीं होने दिया जा सकता।”
थरूर का यह समर्थन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ समय से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे मुद्दों पर उनकी राय पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग थी, जिससे पार्टी के भीतर मतभेदों की अटकलें लगाई जा रही थीं। उनके इस कदम को अब कांग्रेस में इस मुद्दे पर एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को चुनावी हार की हताशा बताते हुए खारिज कर दिया है। चुनाव आयोग ने भी इन आरोपों को खारिज करते हुए राहुल गांधी से अपने दावों के समर्थन में शपथ पत्र के साथ पुख्ता सबूत मांगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने भारतीय चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें अब शशि थरूर जैसी महत्वपूर्ण आवाज भी शामिल हो गई है।



