
Breaking Today, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो खुद को अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन बताकर लोगों से ठगी कर रहा था। ये लोग ‘इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो’ के नाम से एक फर्जी कार्यालय चला रहे थे। पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह नोएडा के सेक्टर 70 में एक किराए के दफ्तर से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। उन्होंने अपने कार्यालय पर केंद्रीय बलों से मिलते-जुलते रंगों और लोगो वाले बोर्ड लगा रखे थे। गिरोह के सदस्य खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को झांसा देते थे और अपनी वेबसाइट के जरिए चंदा भी इकट्ठा करते थे। अपनी वेबसाइट पर विश्वसनीयता हासिल करने के लिए इन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रमाण पत्र भी दिखा रखे थे।
ये शातिर ठग इंटरपोल और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (IHRC) जैसी संस्थाओं से अपने संबंध होने का दावा करते थे। उनका कहना था कि वे “अंतरराष्ट्रीय अपराधों और अपराधियों” पर काम करते हैं और उनका एक कार्यालय यूनाइटेड किंगडम में भी है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से नौ मोबाइल फोन, 17 मुहरें, छह चेक बुक, नौ पहचान पत्र, फर्जी मंत्रालय के प्रमाण पत्र, एक सीपीयू और 42,300 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने प्रेस आईडी कार्ड और आईएचआरसी के कथित आईडी कार्ड भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान विभाष चंद्र अधिकारी, अर्ग्य अधिकारी, बाबुल चंद्र मंडल, पिंटू पाल, समपदमल और आशीष कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट और प्रतीक और नाम (अनुचित प्रयोग की रोकथाम) अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह के तार मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों से तो नहीं जुड़े हैं।




