
Breaking Today, Digital Desk : भारत में अब गली-मोहल्ले के कुत्तों को माइक्रोचिप किया जाएगा! यह खबर सुनकर पेट लवर्स और एनिमल वेलफेयर से जुड़े लोग ज़रूर खुश होंगे. सरकार ने इसके लिए कुछ नए नियम बनाए हैं, जिनमें पेट डॉग्स की माइक्रोचिपिंग, ब्रीडिंग सेंटर्स का रजिस्ट्रेशन और डिजिटल वैक्सीनेशन रिकॉर्ड्स जैसी कई बातें शामिल हैं. तो आइए, इन सभी नए नियमों को थोड़ा और करीब से जानते हैं.
अब हर पालतू कुत्ते का होगा डिजिटल रिकॉर्ड!
सरकार ने ‘पेट डॉग्स (ब्रीडिंग एंड मार्केटिंग) नियम, 2023’ और ‘आवारा कुत्ते (प्रबंधन) नियम, 2023’ जैसे महत्वपूर्ण कानून बनाए हैं. इनका मकसद जानवरों की सुरक्षा और उनके सही प्रबंधन को सुनिश्चित करना है.
इन नियमों के तहत, अब हर पालतू कुत्ते के शरीर में एक माइक्रोचिप लगाई जाएगी. इस माइक्रोचिप में कुत्ते से जुड़ी सारी जानकारी जैसे मालिक का नाम, पता, वैक्सीनेशन रिकॉर्ड आदि स्टोर होगा. सोचिए, अगर आपका कुत्ता कभी खो जाता है, तो इस माइक्रोचिप की मदद से उसे ढूंढना कितना आसान हो जाएगा!
इसके अलावा, अब सभी डॉग ब्रीडिंग सेंटर्स को भी रजिस्टर करवाना होगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि ब्रीडिंग सही तरीके से हो रही है और जानवरों के साथ कोई क्रूरता नहीं हो रही. साथ ही, कुत्तों के वैक्सीनेशन रिकॉर्ड भी अब डिजिटल रूप से रखे जाएंगे. यह एक बड़ा कदम है जिससे जानवरों की सेहत का ध्यान रखना और भी आसान हो जाएगा.
आवारा कुत्तों के लिए भी खास इंतजाम
इन नियमों में सिर्फ पालतू कुत्ते ही नहीं, बल्कि आवारा कुत्तों का भी ध्यान रखा गया है. अब स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी होगी कि वे आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण करवाएं. इससे उनकी आबादी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और रेबीज जैसी बीमारियों का खतरा भी कम होगा. साथ ही, आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वाले लोगों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा.
ये नए नियम जानवरों के प्रति हमारे समाज की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं. यह वाकई एक सराहनीय कदम है जो जानवरों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेगा.






