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रोशनी के त्योहार में सेहत की अनदेखी, थक्के का जोखिम…

Ignoring health during the festival of lights, risk of clots...

Breaking Today, Digital Desk : दीपावली, रोशनी का त्योहार, खुशियाँ और उत्साह लेकर आता है। इस दौरान लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, उपहार बांटते हैं और दावतों का लुत्फ उठाते हैं। लेकिन, इस त्योहार से जुड़ा एक पहलू ऐसा भी है जिस पर कम ही लोग ध्यान देते हैं – उपवास और फिर अचानक भारी दावत का चक्र। यह चक्र आपके स्वास्थ्य के लिए, खासकर खून के थक्के (Blood Clot) बनने के जोखिम को बढ़ा सकता है।

उपवास का प्रभाव

दीपावली से पहले या उसके दौरान कई लोग उपवास रखते हैं। उपवास अपने आप में शरीर के लिए कुछ फायदे दे सकता है, लेकिन अगर यह सही तरीके से न किया जाए तो नुकसानदायक भी हो सकता है। लंबे समय तक उपवास रखने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है। शरीर में पानी की कमी होने से खून गाढ़ा हो सकता है, जिससे थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है।

फिर दावतों का दौर

उपवास के बाद जब दावतों का दौर शुरू होता है, तो लोग अक्सर अत्यधिक मात्रा में तला-भुना, मीठा और भारी भोजन करते हैं। यह अचानक और भारी भोजन शरीर पर एक बड़ा तनाव डालता है। उच्च वसा और चीनी वाले खाद्य पदार्थ शरीर में सूजन को बढ़ा सकते हैं और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, अचानक बहुत सारा खाना खाने से रक्त शर्करा का स्तर तेजी से बढ़ता है, जो एंडोथेलियल कोशिकाओं (रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी परत) को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है।

खतरनाक चक्र

यह उपवास और फिर अचानक भारी भोजन का चक्र शरीर के लिए एक झटका जैसा है। पहले उपवास से शरीर कमजोर होता है और फिर अचानक भारी भोजन से उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है जिन्हें पहले से ही हृदय रोग, मधुमेह या रक्तचाप जैसी समस्याएं हैं। ऐसे लोगों में रक्त के थक्के बनने का जोखिम काफी बढ़ जाता है, जिससे दिल का दौरा या स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हो सकती हैं।

कैसे रहें सुरक्षित?

दीपावली के दौरान भी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है।

  1. संतुलित उपवास: अगर आप उपवास रख रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप पर्याप्त पानी पी रहे हैं और हल्के, पौष्टिक तरल पदार्थ या फल ले रहे हैं। लंबे समय तक पूरी तरह से खाली पेट न रहें।

  2. धीरे-धीरे खाएं: उपवास तोड़ने के बाद या दावतों के दौरान एकदम से बहुत सारा भोजन न करें। धीरे-धीरे और नियंत्रित मात्रा में खाएं।

  3. पौष्टिक विकल्प: मिठाई और तले हुए पकवानों के साथ-साथ फलों, सब्जियों और साबुत अनाज जैसे पौष्टिक विकल्पों को भी अपनी डाइट में शामिल करें।

  4. सक्रिय रहें: दीपावली के दौरान भी थोड़ा सक्रिय रहें। टहलना या हल्का व्यायाम आपके पाचन और रक्त परिसंचरण के लिए अच्छा हो सकता है।

  5. चिकित्सक की सलाह: यदि आपको कोई पुरानी बीमारी है, तो उपवास या भारी भोजन से पहले अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

दीपावली खुशियों का त्योहार है, और इसे पूरे उत्साह के साथ मनाना चाहिए। लेकिन, इस उत्साह में अपने स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ न करें। संतुलित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर आप इस त्योहार का पूरी तरह से आनंद ले सकते हैं और किसी भी संभावित जोखिम से बच सकते हैं।

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