
Breaking Today, Digital Desk : दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर चिंताजनक हो गया है। आज भी राष्ट्रीय राजधानी की हवा ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कतें आ रही हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) आज 280 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
हालांकि, कुछ इलाकों में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर है। आनंद विहार दिल्ली का वो इलाका है जहां की हवा इस वक्त सबसे ज्यादा जहरीली है। यहां AQI 370 तक पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इसका मतलब है कि यहां रहने वाले लोग बेहद खराब गुणवत्ता वाली हवा में सांस ले रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, वजीरपुर में 368 और जहांगीरपुरी में 365 AQI दर्ज किया गया, जो चिंता का विषय है।
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब होने के पीछे कई कारण हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, उद्योगों का प्रदूषण, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और पराली जलाना भी इसमें एक बड़ी भूमिका निभाता है। ठंड के मौसम में हवा की गति कम होने से प्रदूषक कण निचले वातावरण में जमा हो जाते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खराब हवा सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। यह अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ा सकती है, साथ ही फेफड़ों और हृदय पर भी बुरा असर डाल सकती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक है।
ऐसे में जरूरी है कि हम सब मिलकर इस समस्या से लड़ने के लिए कदम उठाएं। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, पैदल चलें या साइकिल चलाएं। पेड़ लगाएं और अपने आसपास सफाई का ध्यान रखें। सरकार को भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है।




