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राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग का पलटवार…

The 'atom bomb' of evidence will reveal something big, Election Commission's counter-attack on Rahul Gandhi's allegations

Breaking Today, Digital Desk : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि उनके पास इस बात के “पुख्ता सबूत” हैं कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए “वोटों की चोरी” में शामिल है.उन्होंने इन सबूतों को “एटम बम” की संज्ञा देते हुए कहा कि जब इसका खुलासा होगा, तो देश में चुनाव आयोग के लिए कहीं छिपने की जगह नहीं बचेगी. दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को “निराधार और गैर-जिम्मेदाराना” बताते हुए खारिज कर दिया है.

राहुल गांधी ने संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हम यह 100% सबूतों के साथ कह रहे हैं. जैसे ही हम इसका खुलासा करेंगे, पूरे देश को पता चल जाएगा कि चुनाव आयोग ‘वोट चोरी’ में लिप्त है. यह बीजेपी के लिए किया जा रहा है.”[1] उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और लोकसभा चुनावों के दौरान अनियमितताओं को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने छह महीने की लंबी जांच की, जिसके बाद यह “एटम बम” उनके हाथ लगा है. राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची में एक करोड़ से अधिक फर्जी मतदाता जोड़े गए हैं

विपक्ष के नेता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “चुनाव आयोग में ऊपर से लेकर नीचे तक जो भी इसमें शामिल है, हम आपको बख्शेंगे नहीं. आप देश के खिलाफ काम कर रहे हैं. यह देशद्रोह है.”

चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के इन सनसनीखेज दावों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. आयोग ने एक बयान जारी कर कहा, “चुनाव आयोग इस तरह के निराधार आरोपों को नजरअंदाज करता है जो रोजाना लगाए जा रहे हैं. रोजाना दी जा रही धमकियों के बावजूद, आयोग सभी चुनाव अधिकारियों से इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयानों को नजरअंदाज करने और निष्पक्ष तथा पारदर्शी तरीके से काम करने के लिए कहता है.”

आयोग ने यह भी बताया कि उसने पहले के आरोपों के संबंध में 12 जून को राहुल गांधी को एक ईमेल भेजा था, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला चुनाव आयोग के अनुसार, राहुल गांधी ने कभी भी किसी भी मुद्दे पर आयोग को कोई पत्र नहीं भेजा है

यह पूरा विवाद उस समय और बढ़ गया है जब विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन बिहार की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध कर रहा है, जिसे वे मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने का बीजेपी समर्थित प्रयास बता रहे हैं

बीजेपी ने भाषा पर उठाए सवाल

वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल की गई “एटम बम” वाली भाषा की निंदा की है. बीजेपी ने इसे “अलोकतांत्रिक और अशोभनीय” करार दिया है

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