
Breaking Today, Digital Desk : करूर में हाल ही में हुई भगदड़ की घटना ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अभिनेता-राजनेता विजय पर निशाना साधा है। स्टालिन का कहना है कि विजय घटनास्थल पर 7 घंटे की देरी से पहुंचे, जिसकी वजह से स्थिति और बिगड़ गई। इस मुद्दे पर विधानसभा में सत्तारूढ़ डीएमके और विपक्षी एआईएडीएमके के बीच जमकर नोकझोंक देखने को मिली, जो बाद में हंगामे में बदल गई।
दरअसल, यह घटना तब हुई जब करूर में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुफ्त उपहार बांटे जा रहे थे। इस दौरान भारी भीड़ जमा हो गई और भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। स्टालिन ने इस घटना के लिए विजय की कथित देरी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह घटना हुई, तो विजय इतनी देर से घटनास्थल पर क्यों पहुंचे। स्टालिन ने आरोप लगाया कि विजय की गैर-मौजूदगी और उसके बाद की देरी ने राहत कार्यों में बाधा डाली।
दूसरी ओर, एआईएडीएमके ने स्टालिन के आरोपों को निराधार बताया है। उनके नेताओं का कहना है कि विजय ने अपने स्तर पर तुरंत राहत कार्यों में सहयोग किया और लोगों की मदद की। उन्होंने डीएमके सरकार पर राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस दुखद घटना का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। विधानसभा में दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच तीखी बहस हुई, जिसके चलते कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित भी करना पड़ा।
इस घटना ने एक बार फिर तमिलनाडु में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को उजागर कर दिया है। जहाँ डीएमके विजय को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं एआईएडीएमके अपने नेता का बचाव कर रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह विवाद क्या मोड़ लेता है और इसका राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।






