
Breaking Today, Digital Desk : परणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा, जिनके रिश्ते को लेकर आजकल खूब चर्चा हो रही है, हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि अगर उन्हें डेटिंग ऐप्स पर जाना होता, तो वो शायद टिक ही नहीं पाते. उनकी ये बात सुनकर कई लोग सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि आखिर ऐसा क्या है, जो इन दोनों को डेटिंग ऐप्स से दूर रखता है?
परणीति और राघव का ‘नो-गो’ डेटिंग ऐप फंडा
दोनों ने खुले तौर पर कहा कि उनका ‘ट्रस्ट लेवल’ ज़ीरो है. यानी उन्हें किसी पर इतनी जल्दी भरोसा नहीं होता. राघव ने मज़ाक में ये भी कहा कि शायद वो “बहुत जल्दी ब्लॉक हो जाते” और परणीति को भी लगता है कि वो इस दुनिया के लिए नहीं बनी हैं.
आजकल के ज़माने में जब डेटिंग ऐप्स युवाओं के लिए रिश्ते ढूंढने का एक बड़ा ज़रिया बन गए हैं, ऐसे में एक सेलेब्रिटी जोड़े का ये बयान काफी दिलचस्प है. इससे पता चलता है कि हर कोई इन ऐप्स से सहज नहीं होता.
क्या आप भी ऐसा महसूस करते हैं?
बहुत से लोग डेटिंग ऐप्स पर सही पार्टनर ढूंढने में चुनौतियों का सामना करते हैं. फेक प्रोफाइल, धोखेबाज़ी और सिर्फ टाइमपास वाले रिश्ते, ये सब ऐसी चीज़ें हैं जो लोगों को डेटिंग ऐप्स से दूर कर देती हैं. परणीति और राघव की बात कहीं न कहीं इसी असुरक्षा की भावना को दर्शाती है.
उनके बयान से ये भी पता चलता है कि रिश्तों में विश्वास कितना ज़रूरी है. एक-दूसरे पर भरोसा किए बिना कोई भी रिश्ता आगे नहीं बढ़ सकता, चाहे वो डेटिंग ऐप से शुरू हो या किसी और तरीके से.
तो क्या डेटिंग ऐप्स बेकार हैं?
ऐसा बिल्कुल नहीं है! लाखों लोग इन ऐप्स के ज़रिए अपना प्यार ढूंढते हैं और सफल रिश्ते बनाते हैं. लेकिन, ये हर किसी के लिए नहीं होते, और यह पूरी तरह से ठीक है. परणीति और राघव की कहानी हमें याद दिलाती है कि प्यार और रिश्ते ढूंढने के कई तरीके हैं, और सबसे महत्वपूर्ण है कि आप अपने लिए सबसे सही रास्ता चुनें.
अगर आप भी डेटिंग ऐप्स पर हैं, तो इन बातों को ध्यान में रखें: सतर्क रहें, अपनी अंतरात्मा पर भरोसा करें और सबसे बढ़कर, अपने दिल की सुनें. आखिर, एक सच्चा रिश्ता विश्वास की नींव पर ही टिका होता है.






