यात्री का अनुभव जब रैपिडो बाइक पर बैठने के लिए भी नहीं मिली पर्याप्त जगह…
Passenger's experience when there was not enough space even to sit on Rapido bike

Breaking Today, Digital Desk : एक यात्री ने हाल ही में रैपिडो बाइक टैक्सी के साथ अपने असुविधाजनक अनुभव को साझा किया है। उन्होंने बताया कि जब वे अपनी बुक की हुई राइड पर पहुँचे, तो बाइक पर उनके बैठने के लिए पर्याप्त जगह ही नहीं थी। ऐसा प्रतीत होता है कि राइडर पहले से ही कुछ सामान या किसी अन्य वजह से सीट का अधिकांश हिस्सा घेरे हुए था। इस घटना ने न केवल यात्री के लिए एक असहज और असुरक्षित स्थिति पैदा कर दी, बल्कि इसने बाइक टैक्सी सेवाओं में यात्री सुरक्षा और आराम के मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह अनुभव उन हजारों लोगों के लिए एक चेतावनी है जो अपनी रोजमर्रा की यात्रा के लिए ऐप-आधारित बाइक सेवाओं पर निर्भर हैं।
हाल ही में मैंने दफ्तर से घर जाने के लिए रैपिडो बाइक बुक की। बाइक टैक्सी की सुविधा ट्रैफिक से बचने और जल्दी पहुंचने का एक शानदार तरीका लगती है। लेकिन मेरा अनुभव वैसा नहीं रहा जैसा मैंने सोचा था। जब राइडर मेरे पिक-अप लोकेशन पर पहुंचा, तो मैंने देखा कि उसकी बाइक पर पहले से ही काफी सामान रखा हुआ था, जिससे मेरे बैठने के लिए बहुत कम जगह बची थी।
असमंजस में, मैंने फिर भी बैठने की कोशिश की, लेकिन मैं पूरी तरह से सीट पर फिट नहीं हो पा रहा था। मेरी आधी सीट सामान से घिरी थी, और मुझे किनारे पर असहज होकर बैठना पड़ा। राइड के दौरान, मुझे लगातार यह डर सता रहा था कि कहीं मैं गिर न जाऊं। हर मोड़ और ब्रेक पर मेरा संतुलन बिगड़ रहा था, और मैंने ड्राइवर से कई बार धीरे चलने का अनुरोध भी किया।
यह यात्रा न केवल शारीरिक रूप से कष्टदायक थी, बल्कि मानसिक रूप से भी तनावपूर्ण थी। सुरक्षा की चिंता पूरे रास्ते बनी रही। इस घटना ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमें राइड-शेयरिंग सेवाओं में आराम और सुरक्षा को हल्के में लेना चाहिए? उम्मीद है कि कंपनियां इन मुद्दों पर ध्यान देंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि यात्रियों को एक सुरक्षित और आरामदायक सवारी मिले।






