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50 साल बाद AIADMK से निकाले गए सेनगोट्टैयन, दर्द ऐसा कि नींद भी उड़ गई…

Sengottaiyan expelled from AIADMK after 50 years, pain so severe that even sleep was lost...

Breaking Today, Digital Desk : तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों उथल-पुथल मची है। खासकर AIADMK खेमे में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। हाल ही में पार्टी से वरिष्ठ नेता के.ए. सेंगोट्टैयन को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। यह खबर सुनते ही उनके समर्थक और शुभचिंतक हैरान रह गए। पचास साल का रिश्ता, एक झटके में खत्म!

सेंगोट्टैयन सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि AIADMK के उन पुराने स्तंभों में से एक हैं जिन्होंने पार्टी को बनते और बिगड़ते देखा है। एम.जी.आर. के जमाने से लेकर जयललिता और उसके बाद भी, वे हमेशा पार्टी के प्रति वफ़ादार रहे। ऐसे में जब उन्हें पार्टी से निकाला गया, तो उनका दर्द स्वाभाविक था।

सूत्रों के मुताबिक, इस घटना के बाद से सेंगोट्टैयन काफी परेशान और दुखी हैं। “नींद आँखों से कोसों दूर है,” उनके करीबी बताते हैं। जिस पार्टी को उन्होंने अपना जीवन दे दिया, उसी पार्टी से अचानक निष्कासित कर दिया जाना, किसी भी वफ़ादार के लिए दिल तोड़ने वाला अनुभव होगा।

यह सिर्फ एक नेता के निष्कासन की कहानी नहीं है, बल्कि उस राजनीति की भी एक झलक है जहाँ वफ़ादारी और रिश्ते कभी-कभी कुर्सी और सत्ता के आगे छोटे पड़ जाते हैं। सेंगोट्टैयन का यह दर्द AIADMK के भीतर चल रही खींचतान को भी उजागर करता है।

अब देखना यह होगा कि सेंगोट्टैयन का अगला कदम क्या होगा और AIADMK की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है। लेकिन एक बात तो तय है, इस निष्कासन ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।

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