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धीमी पड़ती शिंदे सरकार की योजनाएं, क्या महाराष्ट्र में बीजेपी-शिंदे गठबंधन में दरार…

Shinde government's plans slowing down, is there a rift in the BJP-Shindig alliance in Maharashtra.

Breaking Today, Digital Desk : महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की सरकार आए कुछ समय हो गया है, और उनकी कुछ महत्वाकांक्षी योजनाएं अब थोड़ी धीमी पड़ती दिख रही हैं। हालांकि, बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) विपक्ष के उन दावों को खारिज कर रहे हैं कि गठबंधन में कोई दरार है।

सरकार बनने के बाद, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कई बड़ी घोषणाएं की थीं, खासकर ग्रामीण इलाकों और किसानों के लिए। इनमें से कुछ प्रमुख योजनाएं ‘आपली सरकार’ (हमारी सरकार) और ‘मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी’ (मुख्यमंत्री सौर कृषि फीडर) जैसी थीं। ‘आपली सरकार’ का मकसद था सरकारी सेवाओं को लोगों के करीब लाना, ताकि उन्हें दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। वहीं, सौर कृषि वाहिनी योजना का लक्ष्य किसानों को दिन के समय में सस्ती और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना था, जिससे उनकी सिंचाई की लागत कम हो सके।

शुरुआत में इन योजनाओं को लेकर काफी उत्साह था, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि इनकी गति धीमी हो गई है। ‘आपली सरकार’ के तहत जितने सेवा केंद्र खुलने थे, शायद उतने नहीं खुल पाए हैं या उनमें से कुछ पूरी तरह से काम नहीं कर रहे हैं। इसी तरह, सौर कृषि वाहिनी के तहत सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने और फीडर लाइनों को अपग्रेड करने का काम भी शायद अपेक्षा से धीमी गति से चल रहा है।

विपक्ष, खासकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस, इस स्थिति पर सवाल उठा रहा है। उनका कहना है कि यह बीजेपी और शिंदे गुट के बीच तालमेल की कमी का नतीजा है। विपक्ष के नेता अक्सर यह आरोप लगाते हैं कि बीजेपी, शिंदे गुट की योजनाओं को उतना समर्थन नहीं दे रही है जितना देना चाहिए, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे शिंदे का कद बढ़ेगा। वे यह भी कहते हैं कि ये योजनाएं केवल कागजों पर अच्छी लगती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो पा रहा है।

हालांकि, बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार पूरी तरह से एकजुट होकर काम कर रही है और सभी योजनाएं तय समय पर आगे बढ़ रही हैं। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “विपक्ष केवल भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। हमारी सरकार मजबूत है और जनता के हित में लगातार काम कर रही है। कुछ योजनाओं में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे ठप हो गई हैं।”

शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं का भी यही कहना है। वे जोर देते हैं कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हर योजना की प्रगति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं और जल्द ही इन योजनाओं के परिणाम जमीन पर दिखने लगेंगे। उनका दावा है कि ये विपक्ष की हताशा है क्योंकि उन्हें सरकार की सफलता हजम नहीं हो रही है।

तो, महाराष्ट्र की राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर बहस तेज है कि क्या शिंदे सरकार की प्रमुख योजनाएं वाकई धीमी पड़ रही हैं या यह केवल विपक्ष का दुष्प्रचार है। आने वाले समय में ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ये योजनाएं कितनी सफल होती हैं और क्या सरकार विपक्ष के आरोपों को गलत साबित कर पाती है।

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