
Breaking Today, Digital Desk : भारतीय वायुसेना के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। हमारे देश के गौरव, हल्के लड़ाकू विमान तेजस (Tejas) का नया अवतार, Tejas Mk1A, अब अपनी पहली उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है। हाल ही में, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से चौथा F404-GE-IN20 इंजन मिल गया है। इसका मतलब है कि पहला Tejas Mk1A विमान, जिसे इसी महीने वायुसेना को सौंपने की उम्मीद है, अब बस कुछ ही कदम दूर है।
क्या है Tejas Mk1A की खासियत?
आपको याद होगा, भारतीय वायुसेना ने फरवरी 2021 में HAL को 83 Tejas Mk1A विमानों का ऑर्डर दिया था, जिसकी कीमत करीब 48,000 करोड़ रुपये थी। इन विमानों में मौजूदा Tejas Mk1 की तुलना में कई सुधार किए गए हैं।
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बेहतर रडार: इसमें एक ज्यादा आधुनिक एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार लगा होगा, जिससे दुश्मन को पहले ही पहचानना आसान हो जाएगा।
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एडवांस एवियोनिक्स: विमान के अंदर के सिस्टम को और भी उन्नत बनाया गया है, जिससे पायलट को ऑपरेशन में और मदद मिलेगी।
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आत्मनिर्भरता की ओर कदम: Tejas Mk1A में भारत में बने कई उपकरण भी इस्तेमाल किए गए हैं, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को मजबूत करता है।
HAL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, सी.बी. अनंतकृष्णन ने बताया कि पहला Tejas Mk1A विमान बेंगलुरु में बनकर तैयार है और जल्द ही डिलीवरी के लिए तैयार होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इंजन मिलने के बाद विमान के अंतिम परीक्षणों को पूरा किया जा रहा है।
भविष्य की योजनाएं
HAL की योजना इस साल 15 Tejas Mk1A विमान डिलीवर करने की है। अगले साल से यह संख्या बढ़कर 16 प्रति वर्ष हो जाएगी। रक्षा मंत्रालय ने भी संसद में जानकारी दी थी कि मार्च 2024 से पहला विमान भारतीय वायुसेना को मिलना शुरू हो जाएगा और 2028 तक सभी 83 विमान डिलीवर हो जाएंगे।
Tejas Mk1A भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाएगा। यह न केवल हमारी हवाई सीमाओं की रक्षा करेगा, बल्कि यह भी दिखाएगा कि भारत रक्षा उत्पादन में कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह हमारे इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत का नतीजा है, जिस पर हम सभी को गर्व है!




