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डिटॉक्स डाइट, क्या सच में काम करती हैं या बस पैसे की बर्बादी…

Detox diets, do they really work or are they just a waste of money?

Breaking Today, Digital Desk : आजकल हर कोई ‘डिटॉक्स’ के पीछे भाग रहा है। टीवी से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह आपको डिटॉक्स डाइट, डिटॉक्स वॉटर और पता नहीं क्या-क्या चीजें मिल जाएंगी, जो दावा करती हैं कि ये आपके शरीर से सारे ‘ज़हर’ निकाल देंगी और आपको एकदम नया बना देंगी। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि इन डिटॉक्स डाइट में कितनी सच्चाई है? क्या ये वाकई काम करती हैं या बस एक और तरीका है हमारे पैसे खर्च करवाने का?

असल में, हमारा शरीर कुदरती तौर पर ही डिटॉक्स करने में माहिर है। हमारे लिवर, किडनी, फेफड़े और यहाँ तक कि हमारी त्वचा भी लगातार शरीर को साफ करने का काम करती रहती हैं। लिवर खून को साफ करता है, किडनी पेशाब के ज़रिए गंदगी बाहर निकालती है, फेफड़े हवा को फिल्टर करते हैं, और त्वचा पसीने के ज़रिए कुछ विषैले तत्व बाहर करती है। ये सब मिलकर एक बेहतरीन ‘डिटॉक्स सिस्टम’ बनाते हैं, जो बिना किसी फैंसी जूस या डाइट के अपना काम बखूबी करता है।

तो फिर ये डिटॉक्स डाइट क्या करती हैं? ज़्यादातर डिटॉक्स डाइट बहुत ही कम कैलोरी वाली होती हैं, जिनमें ठोस खाना कम और लिक्विड चीज़ें ज़्यादा होती हैं। कुछ तो सिर्फ जूस या सूप पर ही रहने को कहती हैं। शुरुआती दिनों में आपको शायद हल्का और ऊर्जावान महसूस हो, लेकिन ये अक्सर पानी का वज़न कम होने की वजह से होता है, न कि शरीर से ‘ज़हर’ निकलने की वजह से। जैसे ही आप सामान्य खाने पर वापस आते हैं, वज़न भी वापस आ जाता है।

इन डाइट से फायदे से ज़्यादा नुकसान होने का डर रहता है। पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे कमजोरी, थकान, चिड़चिड़ापन और यहाँ तक कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। शरीर को सही से काम करने के लिए अलग-अलग तरह के पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है, जो सिर्फ जूस या कुछ खास सब्जियों से नहीं मिल सकते।

तो अगली बार जब कोई आपसे कहे कि ये ‘मैजिकल डिटॉक्स ड्रिंक’ आपके शरीर को अंदर से साफ कर देगा, तो थोड़ा रुकिए और सोचिए। अपने शरीर पर भरोसा रखिए। उसे डिटॉक्स करने के लिए किसी बाहरी मदद की ज़रूरत नहीं है। अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो संतुलित आहार लीजिए, खूब पानी पीजिए, नियमित व्यायाम कीजिए और पर्याप्त नींद लीजिए। यही असली और टिकाऊ डिटॉक्स है!

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