
Breaking Today, Digital Desk : देश की राजनीति में चर्चा का केंद्र रहने वाला कॉन्स्टिट्यूशन क्लब एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई राजनीतिक बहस नहीं, बल्कि एक चुनावी मुकाबला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो दिग्गज नेता, राजीव प्रताप रूडी और संजीव बालियान, इस प्रतिष्ठित क्लब के अध्यक्ष पद के लिए एक-दूसरे को टक्कर दे रहे हैं, जिससे यह मुकाबला ‘भाजपा बनाम भाजपा’ का एक दिलचस्प रूप ले चुका है। यह चुनाव अंतिम चरण में पहुँच गया है, और दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी जीत के लिए सांसदों का समर्थन जुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, जो वर्तमान और पूर्व सांसदों के लिए एक महत्वपूर्ण मिलन स्थल है, के इस चुनाव ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। एक तरफ जहाँ राजीव प्रताप रूडी एक अनुभवी और पुराने नेता हैं, वहीं दूसरी ओर संजीव बालियान भी पार्टी में एक मजबूत पकड़ रखते हैं। दोनों नेताओं की अपनी-अपनी लॉबी है और वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सांसदों को अपने पक्ष में लाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।
यह मुकाबला इसलिए भी खास हो गया है क्योंकि यह भाजपा के दो कद्दावर नेताओं के बीच सीधी टक्कर है। क्लब के सदस्य, जिनमें अधिकांश सांसद हैं, इस असमंजस में हैं कि वे किसे अपना समर्थन दें। चुनाव का परिणाम जो भी हो, यह स्पष्ट है कि कॉन्स्टिट्यूशन क्लब का यह चुनावी घमासान लंबे समय तक याद रखा जाएगा और इसके नतीजे पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन पर भी असर डाल सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें चुनाव के अंतिम नतीजों पर टिकी हुई हैं।






