
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई, तो सभी की निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि क्या दोनों नेता लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद पर कोई बात करेंगे। और, जी हाँ, उन्होंने बात की!
हमारे प्रधान मंत्री मोदी ने इस मुलाकात के दौरान एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा कि भारत-चीन सीमा पर ‘माहौल बहुत शांतिपूर्ण’ है। ये बात इसलिए भी खास हो जाती है, क्योंकि पिछले कुछ सालों से पूर्वी लद्दाख और कुछ अन्य जगहों पर सीमा को लेकर तनाव बना हुआ है।
आप सबको याद होगा कि कैसे कुछ साल पहले गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी, जिसके बाद से रिश्ते काफी पेचीदा हो गए थे। तब से, दोनों देशों के सैनिक कई बार बातचीत कर चुके हैं ताकि सीमा पर शांति बहाल हो सके। कई जगहों पर दोनों सेनाएं पीछे हटी भी हैं, लेकिन कुछ जगहों पर अभी भी गतिरोध बना हुआ है।
प्रधान मंत्री मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि अगर दोनों देशों के बीच रिश्ते सामान्य करने हैं, तो सीमा पर शांति और स्थिरता बेहद ज़रूरी है। उनका कहना है कि सीमा पर जब तक तनाव रहेगा, तब तक बाकी क्षेत्रों में सहयोग आगे नहीं बढ़ पाएगा।
यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुलाकात के बाद दोनों देशों के रिश्तों में क्या बदलाव आता है। क्या ‘शांतिपूर्ण माहौल’ की यह बात दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत का रास्ता खोलेगी और लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद का कोई स्थायी हल निकल पाएगा?




