
Breaking Today, Digital Desk : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की एक बहुत ही महत्वपूर्ण अखिल भारतीय समन्वय बैठक इस हफ्ते राजस्थान के जोधपुर में होने जा रही है। ये बैठक 8 से 10 सितंबर तक चलेगी और इसमें संघ के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और संघ परिवार से जुड़े 36 संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी शामिल होंगे।
कौन-कौन रहेगा मौजूद?
इस बैठक में RSS प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जैसे बड़े नाम तो होंगे ही, लेकिन जो बात इसे और खास बनाती है, वो है BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष और सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश की मौजूदगी। ये दिखाता है कि BJP और RSS के बीच कितना गहरा तालमेल और समन्वय है। आमतौर पर ऐसी बैठकों में BJP के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी काफी अहम मानी जाती है।
किन मुद्दों पर होगा मंथन?
इस तीन दिवसीय बैठक का एजेंडा काफी व्यापक है। कुछ मुख्य बिंदु जिन पर चर्चा होने की उम्मीद है, वे इस प्रकार हैं:
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020: नई शिक्षा नीति को पूरे देश में कैसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, इस पर गहन विचार-विमर्श होगा। संघ परिवार हमेशा से शिक्षा के भारतीयकरण का पक्षधर रहा है, इसलिए NEP को लेकर उनका नजरिया और उसके क्रियान्वयन की रणनीति काफी महत्वपूर्ण होगी।
जनजाति समाज (आदिवासी) का एकीकरण: संघ पिछले काफी समय से आदिवासी समुदायों के बीच काम कर रहा है। उनकी संस्कृति, परंपराओं और विकास को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संघ के शताब्दी वर्ष (2025) से पहले आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने और उन्हें संघ के विचारों से जोड़ने की योजनाएं भी बनेंगी।
संघ का शताब्दी वर्ष (2025): 2025 में RSS की स्थापना के 100 साल पूरे हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने और संघ के कार्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा होगी।
सामाजिक समरसता और पर्यावरण: संघ लगातार सामाजिक समरसता, यानी समाज में बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के बीच एकता बनाए रखने पर जोर देता रहा है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण भी संघ के प्रमुख एजेंडों में से एक है। इन दोनों विषयों पर मौजूदा स्थिति और भविष्य की रणनीति पर बात होगी।
अन्य सामाजिक कार्य: कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक मूल्यों का प्रसार), गौ संरक्षण, ग्राम विकास जैसे संघ के विभिन्न सामाजिक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और आगे की दिशा तय की जाएगी।
BJP के लिए संदेश?
BJP के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी यह भी बताती है कि संघ उन्हें आगामी लोकसभा चुनावों और विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले अपनी प्राथमिकताओं और विचारों से अवगत कराना चाहता है। संघ हमेशा BJP के लिए एक वैचारिक मार्गदर्शक की भूमिका निभाता रहा है। यह बैठक BJP को आगामी चुनौतियों के लिए तैयार करने और संघ के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नीतियों को आकार देने में मदद कर सकती है।
कुल मिलाकर, जोधपुर की यह बैठक सिर्फ संघ परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे आने वाले समय में देश के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक नई दिशा और रणनीति देखने को मिल सकती है।






