मोहब्बत की कीमत जान देकर चुकाई, बागपत में परिवार ने ही बुझा दिया घर का चिराग…
The price of love was paid by giving life, in Baghpat the family itself extinguished the light of the house

Breaking Today, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक खबर सामने आई है, जहाँ एक 17 वर्षीय लड़की, सानिया (बदला हुआ नाम), को उसके ही परिवार वालों ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। उसका एकमात्र दोष यह था कि वह अपनी पसंद के लड़के से प्रेम करती थी और उसके साथ अपना जीवन बिताना चाहती थी।
यह दुखद कहानी उस वक्त शुरू हुई जब सानिया, सागर नाम के एक युवक के साथ अपने घर से चली गई। दोनों ने साथ रहने का सपना देखा था, लेकिन उनके परिवार को यह रिश्ता, खासकर अलग-अलग धर्मों के होने के कारण, मंजूर नहीं था। परिवार के लोग गुस्से और सामाजिक दबाव में इतने अंधे हो गए कि वे दोनों को ढूंढते हुए हिमाचल प्रदेश तक पहुंच गए और उन्हें जबरन वापस गांव ले आए।
गांव लौटने पर सानिया और सागर, दोनों को अकल्पनीय यातनाओं का सामना करना पड़ा। सागर और उसके परिवार को बंधक बनाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। वहीं, सानिया पर अपने प्रेमी को छोड़ने और परिवार की इच्छा के अनुसार शादी करने का दबाव डाला गया। जब सानिया अपने प्यार को छोड़ने के लिए राजी नहीं हुई, तो उसके अपने ही ताऊ और चचेरे भाइयों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी।
इस जघन्य अपराध पर पर्दा डालने के लिए, परिवार ने चुपचाप उसके शव को कब्रिस्तान में दफना दिया और गांव वालों को यह बताया कि उसकी मौत टीबी की बीमारी से हुई है लेकिन, यह राज़ ज़्यादा दिन तक छिपा नहीं रह सका। जब सागर के परिवार ने पुलिस में शिकायत की, तब इस पूरी घटना का खुलासा हुआ। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद, सानिया के शव को कब्र से बाहर निकाला गया और जांच शुरू की गई, जिसके बाद परिवार के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह घटना समाज में गहराई तक पैठी “सम्मान” की खोखली धारणा और सामाजिक दबाव की एक दर्दनाक तस्वीर पेश करती है, जिसके कारण परिवार के सदस्य ही अपनी बेटी के कातिल बन गए। यह मामला प्रेम, पसंद की स्वतंत्रता और उन भयानक परिणामों पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जिनका सामना आज भी कई युवाओं को करना पड़ता है।






