
Breaking Today, Digital Desk : आजकल अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर ओबामाकेयर को लेकर खूब गरमागरमी चल रही है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीनेट से अपील की है कि वो ओबामाकेयर को पूरी तरह से खत्म कर दें। उनका कहना है कि इस हेल्थकेयर कानून को खत्म करके जो पैसा बचेगा, उसे सीधे लोगों तक पहुंचाया जाए।
अब आप सोच रहे होंगे कि ये ओबामाकेयर क्या बला है और ट्रंप इसे ‘पैसे चूसने वाली’ स्कीम क्यों बता रहे हैं?
देखिए, ओबामाकेयर (जिसे औपचारिक रूप से ‘अफोर्डेबल केयर एक्ट’ या ACA कहा जाता है) को 2010 में लाया गया था। इसका मुख्य मकसद था ज्यादा से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों को हेल्थ इंश्योरेंस देना, खासकर उन्हें जो गरीब हैं या जिनके पास महंगा इंश्योरेंस खरीदने की क्षमता नहीं है। इसके तहत लोगों को सब्सिडी मिलती थी ताकि वे हेल्थ प्लान खरीद सकें।
लेकिन ट्रंप का मानना है कि ये योजना बहुत महंगी है और इससे लोगों को उतना फायदा नहीं मिल रहा है, जितना मिलना चाहिए था। उनका कहना है कि ये सरकार और टैक्सपेयर्स के पैसे की बर्बादी है। ट्रंप चाहते हैं कि सरकार हेल्थकेयर सिस्टम में सीधे तौर पर पैसा लगाने के बजाय, लोगों को सीधे नकद पैसा दे दे। इससे लोग अपनी मर्जी से अपने हेल्थकेयर का इंतजाम कर सकेंगे।
इस बात पर हमेशा से बहस होती रही है कि ओबामाकेयर से फायदा हुआ या नुकसान। एक तरफ, कई लोगों को पहली बार इंश्योरेंस मिला और उनकी जिंदगी आसान हुई। दूसरी तरफ, बहुत से लोग ऐसे भी थे जिनकी इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ गए या उन्हें अपनी पसंद के डॉक्टर या प्लान नहीं मिल पाए।
ट्रंप का ये नया प्रस्ताव एक बड़ी राजनीतिक चाल हो सकती है, खासकर अगले चुनावों को देखते हुए। अब देखना ये है कि सीनेट इस पर क्या फैसला लेती है और इसका अमेरिकी लोगों की जिंदगी पर क्या असर पड़ता है।
आपकी इस बारे में क्या राय है? क्या आपको लगता है कि लोगों को सीधे पैसा देना बेहतर होगा या ओबामाकेयर को किसी और रूप में जारी रखना चाहिए? हमें बताएं!




