
Breaking Today, Digital Desk : याद है वो भारत-पाकिस्तान का मैच? हमेशा की तरह माहौल गरम था. लेकिन मैच के बाद कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको हैरान कर दिया. जब पाकिस्तान की टीम के खिलाड़ी भारतीय खिलाड़ियों से हाथ मिलाने आगे बढ़े, तो हमारे कुछ खिलाड़ियों ने हाथ नहीं मिलाया. ये देखकर सब सोचने लगे कि आख़िर माजरा क्या है? सोशल मीडिया पर भी इस बात को लेकर खूब बहस छिड़ गई. कोई कह रहा था कि ये ग़लत हुआ, तो कोई टीम इंडिया के सपोर्ट में था.
BCCI ने तोड़ी चुप्पी: आख़िर क्यों नहीं मिलाया गया हाथ?
जब ये बात बहुत बढ़ गई, तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को सामने आना पड़ा. उन्होंने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी, और जो उन्होंने कहा, वो वाकई चौंकाने वाला था. BCCI के एक बड़े अधिकारी ने साफ़-साफ़ शब्दों में कहा, “हाथ मिलाना कोई मजबूरी नहीं है.” उनका कहना था कि भारतीय टीम किसी भी प्रोटोकॉल से बंधी नहीं है कि उसे हर हाल में हाथ मिलाना ही है.
उन्होंने आगे समझाया कि कभी-कभी मैच के बाद माहौल ऐसा होता है कि खिलाड़ी अपनी भावनाओं में होते हैं. जीत की ख़ुशी या हार का ग़म, ये सब चलता रहता है. ऐसे में अगर कोई खिलाड़ी हाथ नहीं मिला पाता, तो इसे इतना बड़ा मुद्दा नहीं बनाना चाहिए. ये कोई अपमान नहीं है, बल्कि उस पल की भावनाएं हो सकती हैं.
क्या यह सिर्फ एक ‘पल’ की बात थी?
BCCI ने जो बयान दिया, उससे कई सवाल शांत हो गए. उनका इशारा साफ़ था कि मैदान पर जो हुआ, उसे मैदान पर ही छोड़ देना चाहिए. खेल भावना ज़रूरी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप खिलाड़ियों को उनकी भावनाओं को ज़ाहिर करने से रोकें. हो सकता है उस समय कुछ खिलाड़ी इतने निराश या ख़ुश हों कि उनका ध्यान इस ओर न गया हो.
तो अगली बार जब ऐसा कुछ देखें, तो याद रखिएगा कि ज़रूरी नहीं कि हर बार इसके पीछे कोई बड़ी वजह हो. कभी-कभी ये सिर्फ़ एक पल की बात होती है.






