
Breaking Today, Digital Desk : भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच, पाकिस्तान में भारतीय राजनयिकों को कथित तौर पर आवश्यक सेवाओं में बाधा का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय उच्चायोग और राजनयिकों के आवासों पर पानी और गैस जैसी बुनियादी सुविधाओं की आपूर्ति बाधित की गई है। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह कदम दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच बिगड़ते राजनयिक संबंधों को दर्शाता है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत द्वारा पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई एक सैन्य कार्रवाई थी। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों ने ली थी। भारत ने इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
इस सैन्य तनाव के बाद राजनयिक मोर्चे पर भी तीखी गतिविधियाँ देखी गईं। भारत और पाकिस्तान दोनों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग के एक अधिकारी को “अवांछित व्यक्ति” घोषित करते हुए 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने भी इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के एक कर्मचारी को देश छोड़ने का निर्देश दिया।
राजनयिकों को परेशान करने और उनकी सुविधाओं में कटौती की घटनाएं पहले भी सामने आई हैं। पूर्व में भी ऐसी रिपोर्टें आई हैं कि इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों के घरों की बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित की गई थी और उनके इंटरनेट कनेक्शन को भी रोक दिया गया था।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को भी स्थगित करने जैसा कड़ा कदम उठाया, जिससे पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयां दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और जटिल बना सकती हैं।




