
Breaking Today, Digital Desk : इंडोनेशिया में, लोकप्रिय जापानी एनीमे ‘वन पीस’ का समुद्री डाकू झंडा अप्रत्याशित रूप से एक बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है. देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के समारोह से ठीक पहले, घरों, वाहनों और सार्वजनिक स्थानों पर इंडोनेशियाई राष्ट्रीय ध्वज के साथ ‘वन पीस’ के स्ट्रॉ हैट समुद्री डाकुओं का प्रतीक, खोपड़ी और पुआल की टोपी वाला झंडा फहराया जा रहा है. यह चलन जहां एनीमे के प्रशंसकों के लिए दोस्ती, स्वतंत्रता और उत्पीड़न के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक है, वहीं सरकार और कुछ राजनीतिक दलों ने इसे राष्ट्रीय एकता के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में देखा है.
यह विवाद अगस्त 2025 की शुरुआत में तब सामने आया जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर टिकटॉक पर, राष्ट्रीय ध्वज के साथ ‘वन पीस’ के झंडे फहराए जाने के वीडियो वायरल होने लगे. इसके तुरंत बाद, राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई. सदन के उपसभापति और गेरिन्द्रा पार्टी के कार्यकारी, सुफमी दासको अहमद ने इस घटना को राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने के लिए एक “व्यवस्थित आंदोलन” का हिस्सा बताया. उन्होंने इसे राष्ट्र को विभाजित करने का एक समन्वित प्रयास करार दिया और खुफिया एजेंसियों से मिली रिपोर्टों का हवाला दिया. इसी तरह, समन्वय मंत्री (राजनीति एवं सुरक्षा मामले) बुदी गुणावान ने इसे राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और राष्ट्रीय गौरव की भावना का अपमान बताया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी.
दूसरी ओर, इंडोनेशियाई डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ स्ट्रगल (PDI-P) ने इस प्रवृत्ति को एक अलग नजरिए से देखा. पार्टी के सांसद डेडी येवरी सितोरस ने इसे राजनीतिक खतरे के बजाय प्रतीकात्मक विरोध और आलोचना की सार्वजनिक अभिव्यक्ति के रूप में व्याख्या की. उनका मानना है कि जब तक यह झंडा राष्ट्रीय ध्वज से ऊपर नहीं फहराया जाता, यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है.
यह घटना इंडोनेशिया में एक व्यापक सामाजिक और राजनीतिक बहस को दर्शाती है. कई लोगों के लिए, विशेषकर युवाओं के लिए, यह झंडा सरकार के प्रति असंतोष और मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक बन गया है. उनका तर्क है कि जब देश में अन्याय और असमानता व्याप्त हो, तो राष्ट्रीय ध्वज फहराना खोखला लगता है. ‘वन पीस’ की कहानी में, समुद्री डाकू एक भ्रष्ट और दमनकारी विश्व सरकार के खिलाफ स्वतंत्रता के लिए लड़ते हैं, और यही भावना इंडोनेशिया में कई लोगों को प्रेरित कर रही है.
दिलचस्प बात यह है कि इसी प्रतीक का इस्तेमाल पहले राजनीतिक प्रतिष्ठान द्वारा भी किया जा चुका है. 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान, उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जिबरान राकाबुमिंग ने युवाओं को लुभाने के लिए ‘वन पीस’ का पिन पहना था.
हालांकि इंडोनेशियाई कानून गैर-राष्ट्रीय झंडों को फहराने पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध नहीं लगाता है, लेकिन यह अनिवार्य करता है कि राष्ट्रीय ध्वज को हमेशा सर्वोच्च सम्मान दिया जाए. सरकार ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. यह विवाद अब केवल पॉप संस्कृति और राजनीति के टकराव तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह इंडोनेशिया में स्वतंत्रता, राष्ट्रीय पहचान और युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं पर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है.




