मालदीव के साथ दोस्ती की नई इबारत, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ…
A new example of friendship with Maldives, India extended a helping hand

Breaking Today, Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मालदीव यात्रा ने दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत की है। इस महत्वपूर्ण दौरे पर भारत ने मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये (लगभग 565 मिलियन डॉलर) की ऋण सहायता देने की घोषणा की है, जो दोनों राष्ट्रों के बीच गहरे होते आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को दर्शाता है। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के रिश्तों में कुछ समय से चली आ रही दूरियों को कम करने और आपसी विश्वास को फिर से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी, जो मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद इस सहायता पैकेज का ऐलान किया गया। इस ऋण का मुख्य उद्देश्य मालदीव में रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को गति देना है। विशेष रूप से, यह पहली बार है कि भारत ने यह ऋण सहायता भारतीय रुपये में प्रदान की है।
इस वित्तीय सहायता के अलावा, दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत शुरू करने का भी निर्णय लिया है, जिससे भविष्य में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, एक ऐसे समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए जो मालदीव के मौजूदा ऋणों के वार्षिक पुनर्भुगतान को लगभग 40% तक कम कर देगा, जिससे उसे वित्तीय राहत मिलेगी।
इस यात्रा के दौरान, भारत ने मालदीव की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए 72 सैन्य वाहन भी सौंपे। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू ने संयुक्त रूप से भारत की सहायता से निर्मित कई विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया, जिनमें हजारों सामाजिक आवास इकाइयां और मालदीव के रक्षा मंत्रालय की नई इमारत शामिल है।
नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि दोनों देशों का साझा लक्ष्य है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति को दोहराते हुए कहा कि भारत हमेशा से मालदीव का सबसे भरोसेमंद दोस्त रहा है और रहेगा। यह यात्रा और इससे निकले परिणाम भारत-मालदीव साझेदारी के लिए एक सकारात्मक संकेत हैं, जो आने वाले समय में और भी प्रगाढ़ होने की उम्मीद है।




