
Breaking Today, Digital Desk : बरेली में “आई लव मुहम्मद” (I Love Muhammad) नारे को लेकर छिड़ा विवाद अब एक बड़े सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया है. मामला इतना गरमा गया है कि समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल को तो बरेली जाने से ही रोक दिया गया. आखिर क्या है ये पूरा मामला और क्यों इसे लेकर यूपी की सियासत में उबाल आया हुआ है, आइए जानते हैं.
दरअसल, ये पूरा बवाल एक जुलूस के दौरान लगे नारों से शुरू हुआ. आरोप है कि इस जुलूस में कुछ ऐसे नारे लगाए गए, जिन पर आपत्ति जताई गई. इसके बाद से ही बरेली में तनाव का माहौल बना हुआ है. पुलिस-प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए काफी कोशिशें की हैं, लेकिन सियासी दल भी इस मौके को भुनाने में पीछे नहीं हट रहे हैं.
समाजवादी पार्टी ने इस मामले में अपनी सक्रियता दिखाते हुए एक प्रतिनिधिमंडल बरेली भेजने का फैसला किया. इस प्रतिनिधिमंडल का मकसद था कि वे प्रभावित इलाकों का दौरा करें और लोगों से बातचीत करें. लेकिन, प्रशासन ने उन्हें बरेली पहुंचने से पहले ही रोक दिया. प्रशासन का कहना था कि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है.
इस रोक के बाद समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर हमला बोला है. उनका कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है और लोगों को अपनी बात रखने से रोका जा रहा है. वहीं, बीजेपी का कहना है कि सपा इस मामले पर राजनीति कर रही है और बेवजह माहौल को गरमा रही है.
ये घटना एक बार फिर दर्शाती है कि कैसे छोटे-छोटे मुद्दे भी बड़े राजनीतिक विवादों में बदल जाते हैं. अब देखना ये होगा कि पुलिस-प्रशासन और सियासी दल इस संवेदनशील मामले को कैसे संभालते हैं और बरेली में शांति व्यवस्था कैसे कायम रहती है.






