
Breaking Today, Digital Desk : तेलंगाना की राजनीति में बयानबाजी का दौर हमेशा गर्म रहता है, और इस बार बीजेपी के दिग्गज नेता बंडी संजय कुमार ने कांग्रेस के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को एक ऐसी चुनौती दी है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है, “अगर रेवंत रेड्डी में हिम्मत है, तो वे एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को भागलक्ष्मी मंदिर लेकर जाएं।”
यह बयान सिर्फ एक साधारण चुनौती नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी राजनीतिक रणनीति और संदेश छिपा हुआ है। बंडी संजय का यह बयान तब आया है जब राज्य में लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो रही हैं। बीजेपी हमेशा से ओवैसी और कांग्रेस के बीच “अंदरूनी साठगांठ” का आरोप लगाती रही है। इस चुनौती के जरिए वे कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप और मजबूत करना चाहते हैं।
भागलक्ष्मी मंदिर का जिक्र करना भी महत्वपूर्ण है। यह मंदिर पुराने हैदराबाद में स्थित है और इसका ऐतिहासिक व राजनीतिक महत्व रहा है। बीजेपी अक्सर इस मंदिर से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है ताकि अपनी हिंदुत्ववादी पहचान को और मुखर कर सके।
अब देखना यह होगा कि रेवंत रेड्डी इस चुनौती का जवाब कैसे देते हैं। क्या वे इसे नजरअंदाज करेंगे, या कोई पलटवार करेंगे? और सबसे बड़ा सवाल, क्या वे सचमुच ओवैसी को मंदिर ले जाने का जोखिम उठाएंगे? यह सब तेलंगाना की आने वाली राजनीति के लिए काफी दिलचस्प होने वाला है। इस एक बयान ने राज्य की सियासत को एक नया आयाम दे दिया है और आने वाले दिनों में इस पर खूब बहस देखने को मिलेगी।






