
Breaking Today, Digital Desk : लेह में कांग्रेस के एक पार्षद ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि वह लेह में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा की योजना बनाने में शामिल थे। उन्होंने इन आरोपों को “निराधार” बताया और कहा कि वह इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने वाले हैं।
यह मामला तब सामने आया जब पुलिस ने एक आपराधिक मामला दर्ज किया। आरोप था कि कुछ लोग 6 जून को लेह में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहे थे। पुलिस के मुताबिक, यह विरोध प्रदर्शन लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के आह्वान पर बुलाया गया था। इन दोनों संगठनों ने लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची को लागू करने की मांग को लेकर ‘लेह बंद’ का ऐलान किया था।
पुलिस ने एक प्रेस बयान में कहा कि उन्हें कुछ “विश्वसनीय जानकारी” मिली थी कि कुछ लोग, LAB और KDA के नेताओं के साथ मिलकर, लेह बंद के दौरान जानबूझकर हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
कांग्रेस पार्षद, जिनकी पहचान उजागर नहीं की गई है, ने एक बयान में कहा कि 3 जून को हुई एक बैठक में उन्होंने सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की किसी भी योजना का स्पष्ट रूप से विरोध किया था। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए, और मैं किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता जो सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करे या समाज को नुकसान पहुँचाए।”
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उन्हें एक राजनीतिक साजिश का शिकार बनाया जा रहा है ताकि उनकी छवि खराब की जा सके। उन्होंने कहा, “मैं उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा जो मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।”
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब लद्दाख में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। LAB और KDA लंबे समय से लद्दाख के लिए विशेष संवैधानिक सुरक्षा और राज्य के दर्जे की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर कई बार विरोध प्रदर्शन हुए हैं, और यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया विवाद इस आंदोलन को कैसे प्रभावित करता है।






