
Breaking Today, Digital Desk : बॉलीवुड के गलियारों में अक्सर कलाकारों के बीच की बातें सुर्खियां बन जाती हैं. ऐसा ही एक मामला अनुभवी अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और बहुमुखी प्रतिभा के धनी फरहान अख्तर के बीच का है, जो एक दशक से भी ज्यादा पुराना है, पर आज भी चर्चा में है. हाल ही में फरहान अख्तर ने नसीरुद्दीन शाह की उस पुरानी टिप्पणी पर अपनी चुप्पी तोड़ी है, जिसमें शाह ने फरहान के अभिनय को लेकर अपनी नापसंदगी जाहिर की थी.
यह मामला 2013 का है जब नसीरुद्दीन शाह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें फरहान अख्तर की फिल्मों की खास परवाह नहीं है, सिवाय उनकी पहली फिल्म ‘दिल चाहता है’ के. उन्होंने यह भी कहा था कि वह फरहान के अभिनय के प्रशंसक नहीं हैं, हालांकि वह उनके अन्य हुनर का सम्मान करते हैं. इतने सालों बाद, अब फरहान ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
एक हालिया इंटरव्यू में फरहान ने कहा कि अगर कोई आपको रचनात्मक सलाह या आलोचना देना चाहता है, तो उसे प्यार और सम्मान के साथ दिया जाना चाहिए. उनका मानना है कि नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी में इन दोनों चीजों की कमी थी. फरहान ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें ऐसा लगा जैसे यह सिर्फ एक बयान था जिसे सार्वजनिक रूप से उछाल दिया गया.
फरहान ने यह भी बताया कि उन्होंने इस बारे में नसीरुद्दीन शाह से सीधे बात करना क्यों जरूरी नहीं समझा. उनका कहना था, “मुझे लगा कि यह व्यक्ति आपका सम्मान नहीं करता… तो मैं ऐसे व्यक्ति से क्यों संपर्क करूं जो मेरा सम्मान नहीं करता?”
दिलचस्प बात यह है कि दोनों कलाकारों ने ज़ोया अख्तर की फिल्म ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ (2011) में एक साथ काम किया था, जहां फरहान ने नसीरुद्दीन के बेटे का किरदार निभाया था. फरहान ने बताया कि शाह उनके पिता जावेद अख्तर, शबाना आजमी और उनकी मां को अच्छी तरह जानते हैं, और अगर वह सच में कोई सलाह देना चाहते, तो व्यक्तिगत रूप से भी दे सकते थे.
फरहान के मुताबिक, अगर कोई वास्तव में आपकी परवाह करता है, तो वह आपको फोन करेगा या मिलकर बात करेगा, न कि सार्वजनिक मंच पर आलोचना करेगा. इस पूरे मामले पर फरहान के संतुलित और सधे हुए जवाब ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह न केवल एक बेहतरीन कलाकार हैं, बल्कि एक सुलझे हुए इंसान भी हैं






