कुंवारी लड़कियां कैसे रखें करवा चौथ, जानें 5 गुप्त नियम, जो कोई नहीं बताएगा…
How to observe Karwa Chauth for unmarried girls, learn 5 secret rules that no one will tell you...

Breaking Today, Digital Desk : करवा चौथ का त्यौहार सिर्फ शादीशुदा महिलाओं के लिए नहीं है, बल्कि अब कुंवारी लड़कियां भी इसे पूरे विधि-विधान से मनाती हैं। पहले यह व्रत केवल पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता था, लेकिन आजकल सिंगल लड़कियां अच्छे पति की कामना और अपनी सहेलियों के साथ इस उत्सव को मनाने के लिए भी यह व्रत रखती हैं।
अगर आप भी कुंवारी हैं और करवा चौथ का व्रत रखना चाहती हैं, तो कुछ खास बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। यह व्रत शादीशुदा महिलाओं के व्रत से थोड़ा अलग होता है।
कुंवारी लड़कियों के लिए करवा चौथ के नियम और विधि:
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निर्जला व्रत नहीं: शादीशुदा महिलाएं जहां निर्जला व्रत रखती हैं, वहीं कुंवारी लड़कियां ऐसा व्रत नहीं रखतीं। वे फल, पानी और दूध का सेवन कर सकती हैं। कुछ लड़कियां केवल पानी पीकर भी व्रत रखती हैं, लेकिन यह उनकी इच्छा पर निर्भर करता है।
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शिव-पार्वती की पूजा: कुंवारी लड़कियां भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। वे उनसे अच्छे पति की कामना करती हैं, जो उन्हें प्यार करने वाला और हमेशा साथ निभाने वाला हो।
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करवा चौथ की कथा: व्रत के दौरान करवा चौथ की कथा सुनना बहुत शुभ माना जाता है। यह कथा व्रत के महत्व और लाभों को बताती है।
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चंद्रमा को अर्घ्य नहीं: शादीशुदा महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत तोड़ती हैं, लेकिन कुंवारी लड़कियां ऐसा नहीं करतीं। वे तारों को देखकर या शिव-पार्वती की पूजा के बाद अपना व्रत खोल सकती हैं।
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सरगी और बया: शादीशुदा महिलाओं को सरगी मिलती है और वे बया देती हैं, लेकिन कुंवारी लड़कियों के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है। वे अपनी माता या बड़ी बहन से आशीर्वाद ले सकती हैं।
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पूजन सामग्री: पूजन सामग्री में मिट्टी का करवा, दीपक, धूप, कुमकुम, चावल, फल, मिठाई और सुहाग की चीज़ें (जो वे माता पार्वती को अर्पित कर सकें) शामिल होती हैं।
करवा चौथ का व्रत आस्था और प्रेम का प्रतीक है। चाहे शादीशुदा हो या कुंवारी, यह व्रत हर महिला को एक अलग खुशी और संतोष देता है।






