वाहन बेचने की आड़ में चोरी का खेल, जानिए कैसे बचें इस शातिर गिरोह से…
Theft under the guise of selling vehicles, know how to avoid this vicious gang

Breaking Today, Digital Desk : वाहन खरीदना अब सिर्फ एक ज़रूरत नहीं, बल्कि एक बड़ा निवेश भी है। लेकिन क्या हो जब आपको पता चले कि जिस गाड़ी को आपने अपनी मेहनत की कमाई से खरीदा है, उसे बेचने वाला ही चोरों के गिरोह का हिस्सा है? जी हाँ, यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि एक हकीकत है, जिसका पर्दाफाश हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस ने किया है।
एक ऐसा शातिर गिरोह सक्रिय है जो पहले लोगों को भरोसे में लेकर वाहन बेचता है और फिर मौका देखकर डुप्लीकेट चाबी की मदद से उसी वाहन को चुरा लेता है। यह गिरोह कई जिलों में अपना नेटवर्क फैला चुका है और अब तक कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह वाहन बेचने के दौरान खरीदार को एक ही चाबी देता था, जबकि दूसरी अपने पास रख लेता था। वाहन के बिक जाने के कुछ ही घंटों या दिनों के बाद, गिरोह के सदस्य उस वाहन की लोकेशन ट्रैक करके उसे आसानी से चुरा लेते थे। एक मामले में तो गजरौला में एक कार को बेचने के सिर्फ डेढ़ घंटे बाद ही चोरी कर लिया गया।
कैसे काम करते हैं ये हाई-टेक चोर?
यह गिरोह वाहन चोरी के लिए सिर्फ डुप्लीकेट चाबियों पर ही निर्भर नहीं है। कुछ चोर “मास्टर चाबी” का इस्तेमाल करके किसी भी गाड़ी का लॉक मिनटों में खोल देते हैं। वहीं, कुछ गिरोह इतने हाई-टेक हो गए हैं कि वे सॉफ्टवेयर और स्कैनर की मदद से ऑटोमेटिक गाड़ियों के लॉक को हैक कर लेते हैं और नई चाबी बनाकर गाड़ी उड़ा ले जाते हैं। चोरी की इन गाड़ियों को या तो दूसरे राज्यों में बेच दिया जाता है, या फिर उनके पुर्जे-पुर्जे अलग करके कबाड़ में बेच दिए जाते हैं।
कैसे बचें इस धोखेधड़ी से?
दोनों चाबियाँ हैं ज़रूरी: किसी भी पुराने वाहन को खरीदते समय हमेशा सुनिश्चित करें कि आपको वाहन की दोनों اصلی चाबियाँ मिलें।
विक्रेता की जाँच करें: वाहन बेचने वाले की पहचान और पते की अच्छी तरह से जाँच-पड़ताल कर लें।
लॉक बदलवाना है समझदारी: अपनी तसल्ली के लिए, पुराना वाहन खरीदने के बाद उसका सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम या इग्निशन लॉक बदलवा लें।
GPS ट्रैकर लगवाएं: अपनी गाड़ी की सुरक्षा के लिए उसमें एक अच्छी गुणवत्ता वाला जीपीएस ट्रैकर ज़रूर लगवाएं।
ऑनलाइन सौदों में सतर्कता: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक लगने वाले सौदों की पड़ताल सावधानी से करें, क्योंकि अक्सर ऐसे गिरोह वहीं सक्रिय रहते हैं
पुलिस ने इस तरह के कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इस तरह के अपराध लगातार सामने आ रहे हैं। इसलिए, एक जागरूक ग्राहक बनकर ही आप ऐसी धोखाधड़ी से खुद को और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकते हैं।






