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फैंसी ड्रेस में देसी तड़का, जब बच्चे चप्पल और हरी चटनी बन कर छा गए…

Desi tadka in fancy dress, when children became famous by wearing chappals and green chutney

Breaking Today, Digital Desk : स्कूल के फैंसी ड्रेस कंपटीशन का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में अक्सर रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी, डॉक्टर या फिर किसी परी-राजकुमारी की तस्वीर उभरती है. सालों से बच्चे इन्हीं किरदारों में सज-धज कर आते रहे हैं. लेकिन अब ज़माना बदल रहा है, और बच्चों की दुनिया में créativité का एक नया, मज़ेदार और पूरी तरह से देसी अंदाज़ देखने को मिल रहा है.

इन दिनों सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिन्हें देखकर आप अपनी हँसी नहीं रोक पाएँगे और इन बच्चों के माता-पिता की सोच की तारीफ किए बिना भी नहीं रह सकेंगे. ज़रा सोचिए, एक बच्चा जो अपनी ड्रेस के बारे में बताते हुए कहता है, “मैं ‘हरी चटनी’ हूँ, समोसे और पकोड़े मेरे बिना अधूरे हैं!” या एक और प्यारी-सी बच्ची जो पैरों में पहनी जाने वाली ‘चप्पल’ का कॉस्ट्यूम पहने स्टेज पर घूम रही है.

ये कोई मज़ाक नहीं, बल्कि फैंसी ड्रेस की दुनिया का नया ट्रेंड है. अब बच्चे रॉकेट साइंटिस्ट या ऐतिहासिक महापुरुषों के बजाय हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ी चीज़ों का रूप ले रहे हैं. कोई ‘चाय का कप’ बना है, तो कोई ‘पारले-जी बिस्किट’. ये कॉस्ट्यूम न केवल देखने में अनोखे और मज़ेदार हैं, बल्कि यह हमारी देसी संस्कृति और खान-पान से बच्चों के जुड़ाव को भी दिखाते हैं.

इस नए ट्रेंड ने फैंसी ड्रेस की परिभाषा ही बदल दी है. यह दिखाता है कि कुछ अलग और यादगार करने के लिए बहुत बड़े बजट या तामझाम की ज़रूरत नहीं, बल्कि एक अनोखी सोच ही काफी है. इन बच्चों और उनके माता-पिता ने साबित कर दिया है कि प्रेरणा कहीं से भी मिल सकती है, चाहे वो किचन में रखी ‘चटनी की बोतल’ हो या दरवाज़े पर पड़ी ‘चप्पल’. इन छोटे-छोटे देसी अवतारों ने इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत लिया है और हर तरफ इनकी ही चर्चा हो रही है.

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