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पाकिस्तानी हुक्मरानों की जुबानी, भारत की तरक्की और अपनी बदहाली की कहानी…

The story of India's progress and their own misery, as told by Pakistani rulers

Breaking Today, Digital Desk : पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर द्वारा भारत की तुलना “चमकती मर्सिडीज” और पाकिस्तान को “पत्थरों से भरे डंपर ट्रक” से करने वाले बयान को अब उनकी ही सरकार का समर्थन मिलता दिख रहा है। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने सार्वजनिक रूप से इस विवादित बयान को न केवल दोहराया, बल्कि यह भी बताया कि सेना प्रमुख ने यह बात सऊदी अरब के एक प्रतिनिधिमंडल के सामने भी कही थी।

लाहौर में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए, मोहसिन नकवी ने उस घटना का जिक्र किया जब भारत के साथ तनाव के बीच सऊदी का एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान आया था। नकवी के अनुसार, सऊदी प्रतिनिधिमंडल शांति स्थापित करने की सलाह दे रहा था। इसी बातचीत के दौरान, फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने कहा, “भारत एक चमकती हुई मर्सिडीज की तरह है, लेकिन हम पत्थरों और अन्य चीजों से भरे एक डंपर ट्रक की तरह हैं। तो आप कल्पना कर सकते हैं कि जब ये दोनों टकराएंगे तो मर्सिडीज का क्या होगा।” नकवी ने बताया कि यह सुनने के बाद सऊदी प्रतिनिधिमंडल खामोश हो गया।

यह पहली बार नहीं है जब सेना प्रमुख मुनीर का यह बयान सामने आया है। इससे पहले इसी महीने अमेरिका के फ्लोरिडा में पाकिस्तानी समुदाय के साथ एक बातचीत के दौरान उन्होंने यह उपमा दी थी। उन्होंने कहा था, “भारत एक फरारी की तरह हाईवे पर आती हुई एक चमकती मर्सिडीज है, लेकिन हम बजरी से भरा एक डंप ट्रक हैं। अगर ट्रक कार से टकराता है, तो नुकसान किसका होगा?”

इस बयान के सार्वजनिक होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर इसका काफी मजाक उड़ाया जा रहा है। कई उपयोगकर्ता इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि अपनी ताकत बताने की कोशिश में, पाकिस्तानी सेना प्रमुख और अब मंत्री ने अनजाने में यह स्वीकार कर लिया है कि पाकिस्तान की स्थिति भारत के मुकाबले कितनी खराब है। इसे पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर एक शर्मनाक टिप्पणी के रूप में भी देखा जा रहा है।

नकवी ने अपने भाषण में यह भी दावा किया कि मई में हुए सैन्य संघर्ष के दौरान किसी भी भारतीय मिसाइल ने पाकिस्तान के किसी बड़े सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया, हालांकि इन दावों की पुष्टि स्वतंत्र स्रोतों से नहीं हुई है।

यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और अपनी जनता के सामने अपनी सैन्य ताकत का भ्रम बनाए रखने की कोशिश का हिस्सा हो सकती है, भले ही इसके लिए उन्हें अपने ही देश की स्थिति को कमतर क्यों न दिखाना पड़े।

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