
Breaking Today, Digital Desk : पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियां तेज़ हैं और इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि पहचान का भी बन गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) लगातार बीजेपी को “बाहरी” और “बंगाली विरोधी” साबित करने में लगी है, लेकिन बीजेपी भी इस दांव का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार दिख रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के CR पार्क में एक बंगाली कार्यक्रम में धोती-कुर्ता पहने शामिल होने और उनके बांग्ला ट्वीट, इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।
दिल्ली के CR पार्क, जिसे ‘मिनी बंगाल’ भी कहा जाता है, में दुर्गा पूजा के अवसर पर PM मोदी का यह अंदाज एक बड़ा संदेश दे गया। उन्होंने न सिर्फ बंगाली धोती पहनी, बल्कि बांग्ला में ट्वीट कर लोगों को शुभकामनाएँ भी दीं। बीजेपी की कोशिश है कि वह इस छवि को तोड़े कि वह बंगालियों की संस्कृति और पहचान का सम्मान नहीं करती। टीएमसी लगातार बीजेपी पर यह आरोप लगाती रही है कि बीजेपी उत्तर भारत की पार्टी है और बंगाल की संस्कृति को नहीं समझती। इस ‘एंटी-बंगाली’ टैग को हटाना बीजेपी के लिए बेहद ज़रूरी है, खासकर तब जब वह बंगाल में अपनी पैठ मज़बूत करना चाहती है।
PM मोदी का यह कदम दिखाता है कि बीजेपी सिर्फ राजनीतिक मुद्दों पर नहीं, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक स्तर पर भी बंगालियों से जुड़ने की कोशिश कर रही है। चाहे वह बंगाली भाषा का इस्तेमाल हो, या पारंपरिक परिधान पहनना, हर चीज़ सोच-समझकर की जा रही है ताकि बंगाली मतदाताओं के मन में यह विश्वास पैदा हो सके कि बीजेपी उनके साथ है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी की यह ‘धोती’ रणनीति टीएमसी के ‘एंटी-बंगाली’ नैरेटिव को कितना बेअसर कर पाती है और आगामी चुनावों में इसका क्या असर होता है। बंगाल का चुनाव इस बार वाकई में एक दिलचस्प मोड़ पर आ गया है, जहाँ संस्कृति और राजनीति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।






